Not Sleeping At Night: आज के समय में ऐसे कितने ही लोग हैं जो देररात तक सोते नहीं हैं या फिर रातभर जागने के बाद सुबह 5-6 बजे के करीब सोकर कुछ घंटों में ही उठ जाते हैं. कोई फोन पर रील स्क्रॉल करते हुए नहीं सोता तो कोई किसी से बातें करते हुए जागा रहता है. वहीं, ऐसे भी अनेक लोग हैं जो नाइट शिफ्ट करते हैं और इस चलते रात में सो नहीं पाते. इसपर हैदराबाद बेस्ड सर्जिकल ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. अर्जुन शंकरन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर किया है और बताया है कि रातभर जागना आपको कैंसर की चपेट में ला सकता है.
रातभर फोन चलाने का असर

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डॉक्टर बताते हैं कि अगर आप रातभर फोन चलाते हैं, रातभर सोते नहीं हैं या फिर रात के समय काम करते हैं यानी नाइट शिफ्ट करते हैं तो आप कैंसर के शिकार हो सकते हैं. WHO ने नाइट शिफ्ट को कार्सिनोजेन बताया है. ऐसा नाइट शिफ्ट के काम के चलते नहीं बल्कि खराब नींद मेलाटॉनिन को किस तरह प्रभावित करती है इस आधार पर कहा गया है.
मेलाटॉनिन नहीं होता रिलीज

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ऑनकोलॉजिस्ट के अनुसार, हमारा दिमाग मेलाटॉनिन हार्मोन रिलीज करता है. यह हार्मोन डैमेज हुए DNA को रिपेयर करता है, एब्नॉर्मल सेल ग्रोथ को कंट्रोल करता है और कैंसर ड्राइविंग हार्मोन ऑस्ट्रोजेन को कम करता है. लेकिन मेलाटॉनिन अंधेरे में ही बनता है. ऐसे में सोने से एक घंटे पहले अगर फोन चलाया जाए तो इससे सिर्फ आपकी नींद ही प्रभावित नहीं होती बल्कि शरीर का कैंसर डिफेंस सिस्टम भी स्विच ऑफ हो जाता है.
बढ़ता है इन कैंसर का खतरा

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रातभर जागने से ब्रेस्ट कैंसर, आंतों के कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. जो लोग अपने स्लीप शेड्यूल को मेंटेन नहीं करते हैं उन्हें इन कैंसर का खतरा रहता है.
ऐसा क्यों होता है

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रातभर जागना कैंसर का खतरा कैसे बढ़ाता है इसपर डॉक्टर जवाब देते हैं कि ना सोकर आप सिरकाडियन रिदम को खराब कर रहे हैं जिसका मतलब है कि आप अपने शरीर के नेचुरल रिपेयर सिस्टम को भी खराब कर रहे हैं.
विटामिन की कमी और खराब डाइट

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नाइट शिफ्ट करने पर सुबह की धूप कम ही लोग लेते हैं जिससे विटामिन डी की कमी होने लगती है. इसके साथ ही खराब डाइट और बिगड़ता लाइफस्टाइल भी सेहत को बिगाड़ देते हैं.
सोल्यूशन क्या है

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डॉक्टर का कहना है कि सोल्यूशन यही है कि आप सोने से एक घंटे पहले ही सभी स्क्रीन्स को बंद कर दें जिससे कि आपकी नींद खराब ना हो. ब्लैकआउट या डार्क परदों का इस्तेमाल करें या आई मास्क लगा लें जिससे आपको बेहतर नींद लेने में मदद मिले. फोन को सोने से 15 मिनट पहले ही चलाना बंद कर दें. कोशिश करें कि आप अपना स्लीप शेड्यूल मेंटेन कर सकें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.