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Liver Fatty Hone Ke Karan: खानपान सही ना होने या ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से लिवर फैटी हो जाता है. शुरुआत में इसके लक्षण पता नहीं लग पाते और अगर नजर आते हैं तो कुछ लोग नजरअंदाज कर देते हैं. आप ऐसा ना करें और वक्त पर अपनी जांच करवाएं. अगर समय रहते जांच करवा ली जाए तो इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है. डॉक्टर आमतौर पर फैटी लीवर की पुष्टि के लिए कुछ खास टेस्ट कराने की सलाह देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे 5 आम टेस्ट, जिनसे फैटी लीवर का पता लगाया जा सकता है.
लिवर फंक्शन टेस्ट

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फैटी लीवर का पता लिवर फंक्शन टेस्ट के जरिए लगाया जा सकता है. इस ब्लड टेस्ट के जरिए यह पता लगाया जाता है कि आपका लीवर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं. हालांकि, यह आपको डॉक्टर की मदद से करवाना चाहिए.
सीटी स्कैन

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सीटी स्कैन में भी फैटी लीवर की जानकारी आ जाती है. अगर दूसरे टेस्ट में कोई समस्या दिखाई देती है तो डॉक्टर आगे की जांच के लिए सीटी स्कैन कराने की सलाह दे सकते हैं, लेकिन ऐसा गंभीर समस्या होने पर होगा.
एमआरआई

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यह टेस्ट थोड़ा महंगा होता है, इसलिए हर मरीज को इसकी जरूरत नहीं पड़ती लेकिन इसे एक एडवांस टेस्ट माना जाता है. इस जांच से लीवर में फैट की मात्रा का काफी सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है.
अल्ट्रासाउंड

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इस जांच से डॉक्टर यह समझ सकते हैं कि लीवर में फैट जमा है या नहीं और उसकी स्थिति कितनी गंभीर है. बता दें, अल्ट्रासाउंड एक बहुत ही आम और आसान टेस्ट है. जिसमें साउंड वेव्स की मदद से लीवर की तस्वीर देखी जाती है.
लिवर बायोप्सी

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इसमें लीवर के छोटे से टिशू सैंपल को लेकर लैब में जांच की जाती है. इससे यह पता चल जाता है कि लीवर में कितनी सूजन या नुकसान हुआ है. लिवर बायोप्सी को फैटी लीवर की पुष्टि करने का सबसे सटीक तरीका माना जाता है.