दिल में छेद क्यों होता है? यहां जानिए 5 बड़े कारण
Dil Mein Ched Hona: दिल में छेद होना सुनने में भले ही डरावना लगता है, लेकिन यह एक ऐसी समस्या है जो कई लोगों में जन्म से ही होती है. बाबा रामदेव ने बताया है कि इस बीमारी को मेडिकल भाषा में हार्ट में सेप्टल डिफेक्ट कहा जाता है. हालांकि, यह बीमारी बचपन से ही होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह समस्या बाद में सामने आ जाती है. ऐसे में सही वक्त पर इसकी पहचान करना जरूरी है और यह जानना भी कि यह बीमारी किन कारणों से हो रही है.

2 / 7दिल में छेद होने का सबसे बड़ा कारण जन्मजात होता है. ज्यादातर यह समस्या जन्म के साथ ही मौजूद होती है और दिल की दीवार में छेद रह जाता है.
3 / 7कई बार गर्भावस्था के दौरान मां की हेल्थ की वजह से भी यह बीमारी हो जाती है. इससे डायबिटीज, वायरल इंफेक्शन और हाई ब्लड प्रेशर होने की वजह से भी हो सकता है.
4 / 7अगर परिवार में पहले से किसी को दिल में छेद होने की समस्या है तो हो सकता है कि यह बीमारी अगली पीढ़ी में होने का खतरा आसानी से बढ़ा दे.
5 / 7कई बार बच्चों को सही पोषण ना मिलने की वजह से भी यह बीमारी हो जाती है. पोषण की कमी से बच्चे के दिल का विकास सही तरह से नहीं हो पाता और छेद होने की बीमारी हो जाती है.
6 / 7दिल में छेद अक्सर उम्र बढ़ने या हार्ट अटैक, हार्ट सर्जरी के बाद या लंबे समय तक हाई बीपी होने की वजह से भी यह बीमारी हो जाती है.
7 / 7अगर किसी के दिल में छेद होता है तो उन्हें थकान, सांस फूलना या बार-बार इंफेक्शन होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कई मामलों में दिल की धड़कन तेज हो जाती है.