शरीर में खून का थक्का जमने के क्या लक्षण होते हैं? जानिए कैसे चलता है पता

Blood Clotting Symptoms: जरूरत से ज्यादा खून का थक्का जमना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए खून का थक्का जमने पर कैसे पता चलता है.

Khoon ka thakka jamna
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Khoon ka thakka jamna

Khoon Ka Thakka Jamne Ke Lakshan: शरीर में खून का थक्का इसलिए जमता है ताकि चोट लगने पर खून जरूरत से ज्यादा बहकर ना निकल जाए. लेकिन, अगर खून का थक्का जमने से धमनियों के अंदर खून बहने में दिक्कत आने लगे तो खून का थक्का जमना मुसीबत का सबब बन जाता है. धमनियों में खून का थक्का जमने को थ्रोंबस कहते हैं. यह जानलेवा स्थिति हो सकती है जिसके कारण स्ट्रोक या हार्ट अटैक आ सकता है. ऐसे में वक्त रहते पहचानना जरूरी है कि शरीर में धमनियों के अंदर खून का थक्का जमने लगा है. यहां जानिए खून का थक्का जमने पर कैसे लक्षण (Blood Clotting Symptoms) नजर आते हैं.

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पैर में खून का थक्का जमने के लक्षण

पैर में खून का थक्का जमने के लक्षण 2 / 7

पैरों में खून का थक्का जमने पर पैरों में हल्का दर्द रहने लगता है और अक्सर ही अकड़न महसूस होती है. पैरों पर सूजन हो जाना और पैरों की त्वचा का लाल दिखना भी लक्षणों में शामिल है.

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फेफड़ों में खून का थक्का जमने के लक्षण

फेफड़ों में खून का थक्का जमने के लक्षण 3 / 7

फेफड़ों या कहें फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का जमने पर सांस लेने में दिक्कत आने लगती है. अक्सर ही सीने में तेज दर्द महसूस होने लगता है और सांस फूलने लगती है.

छूने पर त्वचा का गर्म महसूस होना

छूने पर त्वचा का गर्म महसूस होना 4 / 7

त्वचा पर भी खून के थक्के जमने के लक्षण नजर आते हैं. त्वचा की रंगत फीकी पड़ने लगती है, त्वचा सूजी हुई दिख सकती है और त्वचा को छूने पर त्वचा गर्म महसूस होती है.

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सिर में दर्द होना

सिर में दर्द होना 5 / 7

ब्लड क्लॉटिंग के कारण अगर स्ट्रोक की स्थिति बनती है तो इससे सिर में दर्द या लाइट हेडेड महसूस हो सकता है. व्यक्ति को बेहोशी सी छाने लगती है.

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए 6 / 7

अगर आपको खून का थक्का जमने से जुड़े लक्षण शरीर में नजर आ रहे हैं और घर में किसी को कभी ब्लड क्लॉट की दिक्कत रही है तो आपको डॉक्टर से जांच करना लेनी चाहिए.

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खून का थक्का जमने से कैसे रोकें

खून का थक्का जमने से कैसे रोकें 7 / 7

इस बात का ध्यान रखें कि बचाव ही असली इलाज होता है. इसीलिए खून का थक्का ना जमे इसके लिए खुद को एक्टिव रखें. एक्सरसाइज वगैरह करें और अपने खानपान को अच्छा रखें.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

 

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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