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EPFO Interest Rate FY26: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को लेकर एक अहम फैसला ले सकती है, जिसका फायदा सीधे करोड़ों खाताधारकों को मिलेगा. वहीं, इस साल भी EPFO बोर्ड की बैठक में तय की गई ब्याज दर को सरकार की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा. नई ब्याज दर लागू होने के बाद सदस्यों के खातों में ब्याज की रकम जमा की जाएगी, जिससे रिटायरमेंट सेविंग्स में बढ़ोतरी होगी.

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EPFO Interest Rate FY26: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को लेकर एक अहम फैसला ले सकती है, जिसका फायदा सीधे करोड़ों खाताधारकों को मिलेगा. वहीं, इस साल भी EPFO बोर्ड की बैठक में तय की गई ब्याज दर को सरकार की मंजूरी के बाद लागू किया जाएगा. नई ब्याज दर लागू होने के बाद सदस्यों के खातों में ब्याज की रकम जमा की जाएगी, जिससे रिटायरमेंट सेविंग्स में बढ़ोतरी होगी.

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EPFO साल 2025-26 के लिए कितनी ब्याज दर तय करेगी, इसका हर किसी को लंबे समय से इंतजार है. देश में करोड़ों लोग हैं जो अपनी सैलरी से हर महीने ईपीएफ में पैसा जमा करते हैं और उम्मीद भी करते हैं कि रिटर्न अच्छा मिले.

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दरअसल, EPFO ने FY26 के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर बरकरार रखने की संभावना जताई है. मतलब EPFO अपने सदस्यों को अगले वित्त वर्ष 2025-26 में भी वही 8.25 फीसदी ब्याज दे सकता है. यह तीसरा साल होगा जब ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होगा.

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वहीं, मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज यानी CBT की मीटिंग मार्च के पहले हफ्ते में होने वाली है. इसी मीटिंग में ब्याज दर का फैसला होगा. सूत्रों ने बताया कि EPFO इस बार 8.25 फीसदी दर को ही जारी रखने की ओर है.

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पिछले कुछ महीनों में कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ब्याज दर को थोड़ा कम करके 8 से 8.20 फीसदी के बीच किया जा सकता है. जिसका कारण बॉन्ड यील्ड कम होना और पेआउट का बोझ बढ़ना बताया गया था. EPFO अपना फंड सुरक्षित रखना चाहता है, इसलिए कुछ लोग कटौती की उम्मीद कर रहे हैं. लेकिन अब लग रहा है कि राजनीतिक वजहों के कारण दर में कोई बदलाव नहीं होगा.

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बता दें कि आने वाले कुछ महीनों में कई राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं. तो ऐसे में सरकार पर भी आम जनता का दबाव है कि सदस्यों को अच्छा रिटर्न मिले. और वहीं, अगर ब्याज दर घटाई गई तो करोड़ों सैलरीड लोगों को नुकसान होता, इसलिए दर बरकरार रखने के फैसले की ओर झुकाव ज्यादा दिखाई दे रहा है.

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वहीं, पिछले सालों में EPFO ने ब्याज दर को स्थिर रखा है. FY23 में भी 8.15 फीसदी था, फिर इसे बढ़ाकर 8.25 किया गया और अब लगातार यही ब्याज दर लागू है. हाल के समय में मार्केट अच्छा रहा है, लेकिन बॉन्ड यील्ड कम होने से रिटर्न पर असर पड़ सकता है.

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EPFO के सदस्यों को अभी FY25 में 8.25 फीसदी ब्याज मिल रहा है. यह दर टैक्स फ्री है, यानी 2.5 लाख तक के ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है. साथ ही 80C के तहत डिडक्शन भी मिलता है. लाखों सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी EPF में पैसा जमा करते हैं. हर महीने सैलरी से 12 फीसदी कटता है और कंपनी भी इतना ही डालती है.

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वहीं, अब अगर EPFO 8.25 फीसदी ब्याज दर पर रहता है तो सदस्यों को राहत मिलेगी. यह दर अन्य निवेश जैसे फिक्स्ड डिपॉजिट से बेहतर और सुरक्षित है. लेकिन अब आगे क्या फैसला लिया जाएगा ये मार्च में होने वाली मीटिंग के बाद ही लोगों के सामने आएगा.