Oscars की सुनहरी ट्रॉफी पर बिना कपड़ों के क्यों खड़ा है आदमी? जानिए इस शख्स का पूरा इतिहास
Oscar Award Design History: Oscar सिनेमा जगत का सबसे बड़ा अवॉर्ड माना जाता है. इससे सम्मानित व्यक्ति को पूरी दुनिया में पहचान मिलती है. लेकिन क्या आपने कभी नोटिस किया कि अवार्ड पर किस व्यक्ति की सुनहरी मूर्ती बनी हुई है? आइए जानते हैं.

2 / 10दुनिया में हर साल Oscar Award Function आयोजित होता है. कई देशों की फिल्म इंडस्ट्रीज इस अवॉर्ड फंग्शन में नजर गढ़ाए बैठी रहती है. यह सिनेमा जगत का सबसे बड़ा अवार्ड कहलाता है. (Credit- Printerest)
3 / 10कई बड़े सितारों, फिल्मों, डांस्ट, गाने, कास्ट्यूम डिजाइनर्स को इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाता है. लेकिन इस बीच क्या आपने कभी सोचा कि इस ट्रॉफी पर खड़ा आदमी कौन है? क्यों वह बिना कपड़ों के दिखता है? (Credit- Printerest)
4 / 10ऑस्कर ट्रॉफी की कहानी 1927 से शुरू होती है. तब एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज बनी थी. MGM स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर सेड्रिक गिबन्स ने इस ट्रॉफी का डिज़ाइन बनाया. (Credit- Printerest)
5 / 10उन्होंने एक कागज पर इस अवॉर्ड का स्केच तैयार किया. इसमें योद्धा तलवार पकड़े फिल्मी रील पर खड़ा है. लोग इसे बिना कपड़ों के समझते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. इसमें एक पतली पट्टी जैसा कुछ है और सिर पर छोटे बाल हैं. (Credit- Printerest)
6 / 10ऐसा माना जाता है कि इस मूर्ति के मॉडल मेक्सिकन एक्टर एमिलियो एल इंडियो फर्नांडेज थे. 1928 में, गिबन्स की पत्नी डॉलोरेस डेल रियो ने फर्नांडेज को मॉडल बनने के लिए कहा. फर्नांडेज पहले मना कर रहे थे, लेकिन बाद में न्यूड पोज़ दिया. (Credit- Printerest)
7 / 10माना जाता है कि इसी से ऑस्कर की मूर्ती बनी है. ऑस्कर से जुड़ी यह कहानी हर जगह फैली हुई है. हालांकि, कुछ रिसर्च से पता चला कि यह कहानी गलत है. एकेडमी पूर्व डायरेक्टर ब्रूस डेविस ने किताब में लिखा कि कोई असली मॉडल नहीं था. (Credit- Printerest)
8 / 10गिबन्स ने खुद इस डिजाइन को बनाया है. इस स्केच में एक योद्धा जो तलवार पकड़े फिल्म रील पर खड़ा हो. यह रील में पांच स्पोक्स हैं, जो एकेडमी के पांच मूल हिस्सों को दिखाते हैं: अभिनेता, निर्देशक, निर्माता, तकनीशियन और लेखक. (Credit- Printerest)
9 / 10स्केच तैयार होने के बाद लॉस एंजिल्स के मूर्तिकार जॉर्ज स्टेनली ने इस डिज़ाइन को असली मूर्ति में बदला. यह मूर्ति 13.5 इंच लंबी और 8.5 पाउंड भारी है. यह ब्रिटैनियम धातु से बनी है और 24 कैरेट सोने से चढ़ाई जाती है. पहली बार 1929 में यह ट्रॉफी दी गई. (Credit- Printerest)
10 / 10यह डिज़ाइन क्लासिकल आर्ट से प्रेरित है, जैसे पुरानी ग्रीक मूर्तियां जहां शरीर की सुंदरता दिखाई जाती है. इसका मतलब फिल्म इंडस्ट्री के योद्धाओं की ताकत और सादगी दिखाना है. यह कोई असली आदमी नहीं है, बल्कि एक काल्पनिक योद्धा है, जिसको MGM स्टूडियो के आर्ट डायरेक्टर सेड्रिक गिबन्स ने बनाया था. (Credit- Printerest)