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Indira Gandhi Crying Over Song: क्या आप कभी सोच सकते हैं कि भारत की प्रधानमंत्री को भी कभी कोई गाना सुनकर रोना आ सकता है? लेकिन ऐसा सच में हुआ है, जब इंदिरा गांधी ने 1967 का यह गाना सुना था, जिसको सुनते ही वे काफी भावुक हो गईं थीं.
इंदिरा गांदी आयरन लेडी

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भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को आयरन लेडी कहा जाता था. वे मजबूत और सख्त इरादों वाली नेता थी. लेकिन एक दिन सिर्फ एक गाने ने उन्हें काफी रुलाया. यह गाना मोहम्मद रफी का था, जिसको सुनकर इंदिरा काफी रोईं थी. (Credit- Pinterest)
कौन सा था वो गाना?

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भारत की प्रधानमंत्री को रुलाने वाला ये गाना फिल्म नौनिहाल से था. इस फिल्म के निर्देशक सावन कुमार टाक पंडित जवाहरलाल नेहरू के बहुत बड़े फैन थे. 1964 में नेहरू जी के निधन के बाद उनका दिल टूट गया था. उन्होंने सोचा, क्यों न एक फिल्म बनाई जाए जो नेहरू जी को याद दिलाए. (Credit- Pinterest)
नेहरू जी पर बनी फिल्म

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निर्देशक सावन कुमार ने फिल्म नौनिहाल बनाई. फिल्म की कहानी एक बच्चे की है, जो नेहरू जी से मिलने दिल्ली जाता है, लेकिन पता चलता है कि चाचा नेहरू चले गए हैं. फिल्म में एक खास गाना रखा गया- “मेरी आवाज सुनो, प्यार का राग सुनो...”. बोल कैफी आजमी ने लिखे. संगीत मदन मोहन ने बनाया. गाने को मोहम्मद रफी ने गाया. (Credit- Pinterest)
रफी साहब की आवाज

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रफी साहब हर लाइन से पहले रुक जाते थे. जैसे वे नेहरू जी के दर्द को महसूस कर रहे हों. गाना पूरा होने पर रिकॉर्डिंग स्टूडियो में सब चुप रह गए. कोई ताली नहीं बजी, सिर्फ आँखें नम हो गईं. यह गाना नेहरू जी की याद में खास बनाया गया था. (Credit- Pinterest)
टैक्स फ्री के लिए मुलाकात

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फिल्म रिलीज हुई तो सावन कुमार इसे पूरे देश में टैक्स फ्री करवाना चाहते थे. वे इंदिरा गांधी के पास गए, जो उस समय प्रधानमंत्री थीं. इंदिरा जी ने कहा, “फिल्म देखने का समय नहीं है.” तब टीम ने अनुरोध किया, “मैडम, सिर्फ एक गाना सुन लीजिए. सिर्फ पाँच मिनट.” (Credit- Pinterest)
इंदिरा जी का रोना

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सावन जी की रिक्वेस्ट पर इंदिरा जी मान गईं. रफी की मखमली आवाज में गाना बजना शुरू हुआ. “मेरी आवाज सुनो...” पहले ही लाइन से इंदिरा जी की आँखें बंद हो गईं. उनके गालों पर आँसू बहने लगे. गाना खत्म होते-होते वे फूट-फूट कर रोने लगीं. उन्होंने हाथों से चेहरा ढक लिया और कहा, “चुप हो जाइए... एक शब्द भी अब बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगी.” फिर वे उठीं और अपने केबिन में चली गईं. पूरी टीम हैरान थी. (Credit- Pinterest)
पिता की याद ने दिल तोड़ दिया

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यह गाना नेहरू जी को समर्पित था. इसमें पिता, मार्गदर्शक और देश के सपनों की बात थी. इंदिरा जी अपने पिता से बहुत प्यार करती थीं. गाने में रफी की आवाज ने उस दर्द को जिंदा कर दिया जो नेहरू के जाने के बाद दबी थी. और आयरन लेडी भी बेटी थी, जिसकी वजह से वे अपने पिता की याद में खो गई और वे रोने लगीं. (Credit- Pinterest)