Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग, ब्रेंट क्रूड $102 के पार; जानें आपके शहर में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के रेट
Petrol Diesel Price Today 17 March: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. आइये जानते हैं कि भारत में पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव क्या हैं? आज आपको टंकी फुल कराने के लिए कितना खर्च करना होगा?

मिडिल ईस्ट में ईरान युद्ध की आहट ने कच्चे तेल के बाजार में आग लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें 2% से ज्यादा उछलकर $102 के पार चली गई हैं। ऐसे में क्या आज आपकी गाड़ी की टंकी फुल करवाना महंगा पड़ेगा? दिल्ली, मुंबई से लेकर चेन्नई तक... आज पेट्रोल-डीजल के भाव क्या हैं और क्या तेल कंपनियां कीमतों में कोई बड़ा बदलाव करने वाली हैं? जानिए हर जरूरी अपडेट इस फोटो गैलरी में...
कच्चे तेल की कीमतों में फिर उबाल
2 / 8ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 2% से ज्यादा उछल गई हैं। ब्रेंट क्रूड अब $102.69 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
क्या भारत में महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?
3 / 8वैश्विक बाजार में उछाल के बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने आज (17 मार्च) घरेलू कीमतों को स्थिर रखा है। यानी आज आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है।
बड़े शहरों में आज के ताजा रेट्स
4 / 8दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77, डीजल ₹87.67 प्रति लीटर। मुंबई: पेट्रोल ₹103.54, डीजल ₹90.03 प्रति लीटर। कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45, डीजल ₹91.02 प्रति लीटर। चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80, डीजल ₹92.39 प्रति लीटर।
क्यों अलग-अलग होते हैं शहरों के दाम?
5 / 8पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर शहर में अलग होती हैं क्योंकि हर राज्य सरकार इन पर अलग-अलग दर से VAT (Value Added Tax) लगाती है। साथ ही रिफाइनिंग लागत और माल ढुलाई का खर्च भी अलग होता है।
डॉलर और रुपया: आपकी जेब का सीधा कनेक्शन
6 / 8भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है। ऐसे में अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर भविष्य में कीमतों पर पड़ सकता है।
घर बैठे ऐसे चेक करें लेटेस्ट भाव (SMS सेवा)
7 / 8आप एक SMS से भी रेट जान सकते हैं। IOCL: RSP <City Code> लिखकर 9224992249 पर भेजें। BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें। HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें।
राहत या आफत? क्या कहते हैं जानकार
8 / 8जानकारों के मुताबिक, यदि कच्चा तेल लंबे समय तक $100 के ऊपर बना रहता है, तो सरकारी तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा। चुनाव और वैश्विक स्थितियों के बीच आने वाले दिनों में कीमतें बढ़ना चुनौती बन सकता है।