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राजस्थान में एलपीजी (LPG) सप्लाई को लेकर भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिना OTP (ओटीपी) और डायरी एंट्री के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। कालाबाजारी रोकने और पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
गैस सप्लाई पर सरकार की रणनीति

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राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने एलपीजी सप्लाई सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब प्रदेश में किसी भी उपभोक्ता को बिना OTP वेरिफिकेशन के सिलेंडर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी।
डायरी एंट्री भी हुई अनिवार्य

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नए नियमों के मुताबिक, केवल ओटीपी ही काफी नहीं होगा। डिलीवरी के समय उपभोक्ता की गैस डायरी में एंट्री करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे फर्जी बुकिंग और गैस की कालाबाजारी (Diversion) पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
3-4 दिन में घर पहुंचेगा सिलेंडर

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सरकार ने दावा किया है कि राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है। बुकिंग के मात्र 3 से 4 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को सिलेंडर डिलीवर किया जा रहा है। अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं!

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मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जो एजेंसियां बिना ओटीपी के गैस बांट रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। फील्ड ऑफिसरों को रोजाना कम से कम एक गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण करना होगा।
जियो टैगिंग (Geotagging) से होगी मॉनिटरिंग

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पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को अपनी निरीक्षण रिपोर्ट जियो टैगिंग के साथ विभाग को भेजनी होगी। इससे यह पक्का होगा कि अधिकारी वास्तव में फील्ड में जाकर जांच कर रहे हैं।
रिमोट एरिया पर विशेष नजर

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सरकार का विशेष फोकस दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों पर है। अक्सर ऐसे क्षेत्रों में गैस की डायवर्जन की शिकायतें आती हैं, इसलिए वहां की एजेंसियों की अब डिजिटल मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है।