अगर आपके घर व परिवार या फिर आस पड़ोस में कोई दिव्यांग है और आप उसकी मदद करना चाहते हैं, तो आप उन्हें भारत सरकार की एक खास योजना के बारे में बता सकते हैं. भारत सरकार दिव्यांगजनों को कई सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराती है, जिनमें भारतीय रेलवे के किराए में रियायत भी शामिल है. रेलवे के किराए में छूट दिलाने के लिए एक खास कार्ड बनता है, जिसका नाम UDID (Unique Disability ID) Card. आइए जानते हैं क्या है यह कार्ड?
UDID कार्ड क्या है और क्यों है जरूरी?

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UDID यानी यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की एक बड़ी पहल है. इसका उद्देश्य देशभर के दिव्यांग नागरिकों को एक समान डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है. रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्ड में व्यक्ति की दिव्यांगता का प्रकार, प्रतिशत और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज रहती है, जिससे बार-बार अलग-अलग प्रमाणपत्र दिखाने की जरूरत नहीं पड़ती.
रेलवे टिकट में कैसे यह कार्ड दिला सकता है छूट?

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भारतीय रेलवे दिव्यांग यात्रियों को टिकट किराए पर विशेष रियायत देता है. यात्रा की श्रेणी और दिव्यांगता के प्रकार के अनुसार यह छूट अलग-अलग हो सकती है. बता दें कि सिर्फ UDID कार्ड दिखाकर आपको ऑनलाइन या सीधे टिकट काउंटर पर छूट नहीं मिलती है, बल्कि इसके आधार पर आपको रेलवे का एक विशिष्ट पहचान पत्र (Railway Photo Identity Card) बनवाना पड़ता है. टिकट बुक करते समय इसी रेलवे कार्ड का नंबर दर्ज करने पर रियायत मिलती है.
किन-किन लोगों को मिल सकता है UDID कार्ड?

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UDID कार्ड सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलता है, जिन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दिव्यांगता श्रेणी में शामिल किया गया है. सामान्य तौर पर 40 प्रतिशत या उससे ज्यादा दिव्यांगता वाले व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकते हैं. अंतिम मंजूरी मेडिकल बोर्ड की जांच और प्रमाण के बाद दी जाती है.
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों को पड़ती है जरूरत?

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अगर आपके आसपास कोई शख्स ऐसा है, जो इस कार्ड का हकदार है, तो आपको बस कुछ जरूरी दस्तावेजों को तैयार करना होगा. इनमें आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर और मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाणपत्र शामिल हैं. इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर मेडिकल जांच भी की जा सकती है.
कैसे बनवा सकते हैं UDID कार्ड?

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इस कार्ड के लिए सबसे पहले आधिकारिक UDID पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. आवेदन फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं. इसके बाद संबंधित जिला चिकित्सा प्राधिकरण आवेदन की जांच करता है. अगर मेडिकल परीक्षण आवश्यक हो तो आवेदक को बुलाया जाता है. मंजूरी मिलने के बाद कार्ड जारी कर दिया जाता है. कार्ड को ऑनलाइन डाउनलोड भी किया जा सकता है.
UDID के साथ कैसे करें ट्रेन में टिकट बुक?

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UDID कार्ड मिल जाने के बाद आपको एक बात का खास ध्यान रखना पड़ेगा. अगर आप रेल में टिकट बुक कर रहें हैं, तो बुक करते समय दिव्यांग श्रेणी का सही विकल्प चुनना जरूरी है. साथ ही UDID कार्ड और दिव्यांगता संबंधी जानकारी रिकॉर्ड में अपडेट होनी चाहिए. यात्रा के दौरान पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं.