क्या अब हवाई सफर महंगा होगा या सस्ता? 'जेट फ्यूल प्राइस कैपिंग' का आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग का असर अब आसमान पर भी दिखने वाला था. 1 अप्रैल 2026 से हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी की आशंका थी, जिससे फ्लाइट टिकटों के दाम आसमान छू सकते थे. लेकिन ऐन वक्त पर भारत सरकार ने दखल देते हुए घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन की कीमतों पर 'कैप' लगा दिया है. आइए, समझते हैं कि इस फैसले का आपके हवाई सफर पर क्या असर पड़ेगा.

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग का असर अब आसमान पर भी दिखने वाला था. 1 अप्रैल 2026 से हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी की आशंका थी, जिससे फ्लाइट टिकटों के दाम आसमान छू सकते थे. लेकिन ऐन वक्त पर भारत सरकार ने दखल देते हुए घरेलू उड़ानों के लिए ईंधन की कीमतों पर 'कैप' लगा दिया है. आइए, समझते हैं कि इस फैसले का आपके हवाई सफर पर क्या असर पड़ेगा.
सरकार का बड़ा फैसला
2 / 6वैश्विक संकट के बीच सरकार ने ATF की कीमतों में होने वाली 100% की संभावित बढ़ोतरी को रोक दिया है. अब घरेलू एयरलाइंस को सिर्फ 25% (करीब ₹15/लीटर) की आंशिक वृद्धि ही झेलनी होगी.
घरेलू उड़ानों पर असर
3 / 6दिल्ली-मुंबई या बेंगलुरु-गोवा जैसे घरेलू रूट पर सफर करने वालों के लिए यह बड़ी राहत है. कीमतों पर कैप लगने से घरेलू टिकटों के दाम फिलहाल स्थिर रहेंगे या बहुत मामूली बढ़ेंगे.
इंटरनेशनल फ्लाइट्स महंगी
4 / 6विदेश जाने वालों की जेब ढीली होगी! अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह 'कैप' लागू नहीं है, इसलिए यूरोप, अमेरिका और दुबई जैसी जगहों के लिए टिकट के दाम काफी बढ़ सकते हैं.
एयरलाइंस का रिएक्शन
5 / 6एयरलाइंस ने इस कदम का स्वागत किया है. इंडिगो और स्पाइसजेट ने इसे 'समय पर हस्तक्षेप' बताया है, जिससे एविएशन सेक्टर में स्थिरता बनी रहेगी.
ट्रैवल बजट की प्लानिंग
6 / 6अगर आप छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे हैं, तो देश के भीतर घूमना बजट में रहेगा. लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए बुकिंग में देरी करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.