अगर आप रोजाना बाइक से ऑफिस, कॉलेज या दूसरे कामों के लिए सफर करते हैं, तो बेहतर माइलेज जरूर चाहते होंगे. इसके लिए लोग अच्छी क्वालिटी का पेट्रोल, समय पर इंजन ऑयल बदलना और टायर में सही हवा रखने जैसी बातों का ध्यान रखते हैं. लेकिन एक जरूरी हिस्सा, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, वह है बाइक की चेन.
बाइक की चेन से माइलेज पर पड़ता है असर?

2 / 7
बाइक की चेन इंजन से मिलने वाली ताकत को पिछले पहिए तक पहुंचाने का काम करती है. जब चेन सही टेंशन में होती है और उस पर पर्याप्त ग्रीस या लुब्रिकेंट लगा होता है, तब पावर का ट्रांसफर बेहतर तरीके से होता है. इससे इंजन पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और ईंधन की खपत भी नियंत्रित रहती है.
ढीली या ज्यादा टाइट चेन बनती है परेशानी?

3 / 7
अगर चेन जरूरत से ज्यादा ढीली या बहुत टाइट हो जाए, तो इंजन से मिलने वाली ताकत सही तरीके से पहिए तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फ्यूल की खपत बढ़ सकती है और बाइक का माइलेज प्रभावित होता है.
ढीली चेन से क्या-क्या नुकसान?

4 / 7
ढीली चेन होने पर बाइक चलाते समय खट-खट जैसी आवाज सुनाई दे सकती है. गियर बदलते समय झटका महसूस हो सकता है और एक्सीलरेशन भी पहले जैसा स्मूद नहीं रहता. कई बार चेन स्प्रोकेट पर सही तरीके से फिट नहीं बैठती, जिससे दोनों पार्ट्स जल्दी घिसने लगते हैं और माइलेज पर भी असर पड़ता है.
ज्यादा टाइट चेन से भी नुकसान

5 / 7
कई लोग मानते हैं कि चेन जितनी ज्यादा कसी होगी, बाइक उतना बेहतर चलेगी. लेकिन ऐसा नहीं है. जरूरत से ज्यादा टाइट चेन इंजन, गियरबॉक्स और व्हील बेयरिंग पर अतिरिक्त दबाव डालती है. इससे चेन जल्दी खराब हो सकती है और आगे चलकर रिपेयर का खर्च भी बढ़ सकता है.
चेन सही है या नहीं, ऐसे करें चेक

6 / 7
चेन की स्थिति जांचने के लिए बाइक को डबल स्टैंड पर खड़ा करें और हाथ से चेन को ऊपर-नीचे हिलाकर देखें. अगर चेन बहुत ज्यादा ढीली या जरूरत से ज्यादा कसी हुई लगे, तो उसे एडजस्ट करवाना चाहिए. आमतौर पर 20 से 30 मिलीमीटर तक का फ्री मूवमेंट सही माना जाता है. हालांकि, सही जानकारी के लिए अपनी बाइक की ओनर मैनुअल जरूर देखें.
बेहतर माइलेज के लिए ये बातें जानना जरूरी

7 / 7
बेहतर माइलेज के लिए सिर्फ चेन का सही होना ही काफी नहीं है. तेज एक्सीलरेशन, अचानक ब्रेक लगाना, गलत गियर में बाइक चलाना और जरूरत से ज्यादा वजन लेकर सफर करना भी ईंधन की खपत बढ़ा सकता है. इसके अलावा समय-समय पर सर्विस कराना, एयर फिल्टर साफ रखना, स्पार्क प्लग की जांच, सही टायर प्रेशर बनाए रखना और तय समय पर इंजन ऑयल बदलवाना भी जरूरी है. (Images Credit-Magnific)