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मच्छर मारने की सबसे खराब और सबसे अच्छी तकनीक कौन सी है? डॉक्टर ने दी रेटिंग

Mosquito Repellents: मच्छर भगाने के लिए एक नहीं बल्कि कई अलग-अलग तरीकों को आजमाया जाता है. इनमें से कुछ तरीके सेहत के लिए जरूरत से ज्यादा नुकसानदायक भी हो सकते हैं. डॉक्टर से जानिए सबसे बुरे से लेकर सबसे अच्छे टूल्स कौन से हैं.

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मच्छर को जड़ से कैसे खत्म करें?

Mosquito Repellents Worst To Best: मच्छर एक बार घर में आते हैं तो जाने का नाम नहीं लेते हैं. मच्छरों के कारण तो कई बार रातभर नींद भी नहीं आती और अगर लाइट चली जाए तो हालत खराब होने लगती है सो अलग. ऐसे में मच्छर भगाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय आजमाते हैं. कोई घर में कोइल (Mosquito Coil) या लिक्विड जलाता है तो कोई क्रीम लगाने को बेहतर समझता है. इसपर इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए सर्जिकल ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. अर्जुन संकरन ने बताया है कि मच्छर भगाने का कौन सा तरीका सबसे बुरा है और कौन सा तरीका सबसे अच्छा है. डॉक्टर ने इन तरीकों को रेटिंग भी दी है.

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मच्छर भगाने के लिए सबसे बुरे से सबसे अच्छे तरीके कौन से हैं

मच्छर मारने का कॉइल

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मच्छर मारने के कॉइल को डॉक्टर 10 में से 1 नंबर देते हैं. डॉक्टर का कहना है कि इन कॉइल में सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले कण होते हैं. इनसे निकलने वाले धुएं से बेंजीन जैसी गैस निकलती है जोकि कार्सिनोजेनिक साबित होती है. स्टडी में भी कहा गया है कि अगर बहुत ज्यादा मस्कीटो कॉइल जलाई जाए तो इससे फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) का खतरा बढ़ सकता है.

इलेक्ट्रिक मैट्स

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डॉक्टर ने इलेक्ट्रिक मैट्स को 10 में से 2 नंबर दिए हैं. इनमें से धुआं नहीं निकलता इसीलिए कार्सिनोजेनिक इफेक्ट्स नहीं पड़ते लेकिन इनमें वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स होते हैं. यह कॉइल से थोड़े से बेहतर हैं लेकिन सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं.

लिक्विड वैपोराइजर

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लिक्विड वैपोराइजर को डॉक्टर ने 10 में से 4 नंबर दिए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इसमें मौजूद लिक्विड कार्सिनोजेनिक नहीं होता है, लेकिन इसमें डियोडराइज्ड कैरोसीन होता है जोकि पेट्रोलियम सोल्वेंट है. अगर इसे रातभर बंद कमरे में चलाकर रखा जाए तो यह हेल्दी नहीं है.

एरोसोल

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मच्छर मारने के स्प्रे यानी एरोसोल को डॉक्टर ने 10 में से 5 नंबर दिए हैं. यह लिक्विड वेपोराइजर से थोड़ा बेहतर होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसका हम लगातार इस्तेमाल नहीं करते हैं बल्कि कई-कई घंटों में एक बार करते हैं. इन्हें कमरे में तब छिड़का जाता है जब कोई अंदर नहीं होता और इनका इस्तेमाल कम होता है इसीलिए यह बाकी चीजों से थोड़े बेहतर हैं.

मच्छर दूर भगाने की क्रीम

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मच्छरों से बचे रहने के लिए क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है. इन क्रीम्स को डॉक्टर ने 10 में से 7 नंबर दिए हैं. ये कैंसर के रिस्क को नहीं बढ़ाते हैं. इन्हें सोने से थोड़ी देर पहले स्किन पर लगाया जा सकता है और बाहर भी लगा सकते हैं.

मच्छरदानी

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मच्छरदानी (Mosquito Net) 2 तरह की आती हैं, एक जिसमें इंटेक्सिसाइड लगे होते हैं और दूसरे जिनमें नहीं. डॉक्टर दवा नहीं लगी हुई मच्छरदानी को 10 में से 9 नंबर देते हैं और ट्रीटेड मच्छरदानी यानी जिसमें दवा लगी है उसे 10 में से 10 नंबर देते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

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  • वेंटिलेशन का ध्यान रखना जरूरी है.
  • कितनी देर तक इन चीजों के संपर्क में आया जा रहा है यह देखना चाहिए.
  • बच्चों और बंद कमरे में इन चीजों के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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