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रात में बार-बार खुल जाती है नींद? हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां, नजरअंदाज किया तो भुगतना पड़ सकता है अंजाम!

अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी नींद रात में कई बार टूट जाती है, जिस कारण सुबह थकान सा मबसूस होता है और पूरा दिन सुस्ती भरा रहता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और जानना चाहते हैं कि यह क्यों हो रही है, तो आइए जानते है.

रात नें बार-बार नींद खुलने की क्या है वजह?

क्या आप भी रात में बार-बार जाग जाते हैं और सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं? कई लोग बिस्तर पर पूरी रात बिताने के बावजूद तरोताजा महसूस नहीं करते. यह कोई सामान्य परेशानी नहीं, बल्कि अनिद्रा यानी इंसोम्निया (Insomnia) का संकेत हो सकता है. जब नींद बार-बार टूटती है, देर तक नींद नहीं आती या सुबह बहुत जल्दी आंख खुल जाती है और दोबारा नींद नहीं आती, तो शरीर और दिमाग दोनों पर इसका असर पड़ता है. लगातार ऐसी स्थिति रहने से शरीर में ऊर्जा का स्तर गिरता है, मूड खराब रहता है और काम में ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है. हालांकि, समय रहते इस समस्या को समझना बेहद जरूरी है, ताकि वक्त रहते इस समस्या से राहत पाया जा सके. आइए जानते हैं आखिर रात में बार-बार नींद खुलने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

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क्यों टूटती है नींद? समझें असली कारण

हर व्यक्ति के लिए नींद की जरूरत अलग होती है, लेकिन आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है. कुछ दिनों की अनिद्रा अक्सर तनाव, चिंता या किसी भावनात्मक घटना के कारण हो सकती है. लेकिन अगर यह समस्या तीन महीने या उससे ज्यादा समय तक बनी रहे, तो इसे क्रॉनिक अनिद्रा (Chronic Insomnia) कहा जाता है. कई बार यह अपने आप में एक बीमारी होती है, तो कभी किसी अन्य शारीरिक समस्या का संकेत भी हो सकती है. हार्मोन असंतुलन, जीवनशैली की गड़बड़ी और देर रात तक मोबाइल या टीवी का इस्तेमाल भी नींद के चक्र को बिगाड़ सकता है.

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ये स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा सकती हैं जोखिम

  • मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें जैसे घबराहट और अवसाद नींद पर गहरा असर डालती हैं.
  • इसके अलावा अस्थमा (Asthma), थायरॉयड की समस्या(Thyroid), लगातार रहने वाला दर्द, एसिडिटी (Acidity), स्लीप एपनिया (Sleep Apnea)और रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (Restless Legs Syndrome) जैसी स्थितियों के कारण भी रात की नींद खराब हो सकती है.
  • साथ ही, यह समस्या उम्र पर भी निर्भर करती है यानी कि उम्र बढ़ने के साथ नींद हल्की हो जाती है, जिससे छोटी सी आवाज पर भी नींद खुल सकती है. बच्चों और किशोरों में बदले हुए जैविक समय चक्र के कारण देर रात तक जागने के कारण सुबह थकान की समस्या देखना पड़ सकता है.

कब लें डॉक्टर की सलाह?

अगर दिन में लगातार थकान, चिड़चिड़ापन, उदासी, ध्यान में कमी या काम में गलती होने लगे, तो यह संकेत है कि शरीर को मदद की जरूरत है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर स्लीप टेस्ट (Sleep Test) या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं ताकि सही कारण पता चल सके.

कैसे पाएं नींद टूटने की समस्या से राहत?

इस समस्या से आराम पाने के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करना, कैफीन से दूरी, हल्का भोजन और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना फायदेमंद हो सकता है. याद रखें, अच्छी नींद केवल आराम नहीं, बल्कि बेहतर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की कुंजी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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