गुलाब का पौधा घर की बालकनी, छत या बगीचे की खूबसूरती बढ़ा देता है. लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें फूल नहीं आते. ऐसे में लोग बाजार से महंगी खाद और कई तरह के उर्वरक खरीदने लगते हैं. अगर आपके घर में रोज चाय बनती है तो बची हुई चायपत्ती का इस्तेमाल गुलाब के पौधे की देखभाल में किया जा सकता है. चायपत्ती में कुछ पोषक तत्व और जैविक पदार्थ होते हैं, लेकिन इसे सीधे पौधे की मिट्टी में डालने के बजाय सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है. आइए चायपत्ती से खाद बनाने का आसान तरीका जानते हैं. 

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चायपत्ती गुलाब के पौधे के लिए कैसे इस्तेमाल की जा सकती है?

इस्तेमाल की हुई चायपत्ती खाद में शामिल की जा सकती है. जब यह अच्छी तरह सड़कर मिट्टी में मिलती है तो मिट्टी में कार्बनिक बढ़ाने में मदद कर सकती है. इससे मिट्टी बेहतर होती है और पौधे की जड़ों को पोषक तत्व दिलाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, सिर्फ चायपत्ती डालने से गुलाब में फूल आना जरूरी नहीं होता. 

चायपत्ती से खाद बनाने का तरीका

पहले चायपत्ती को अच्छी तरह धोना- चाय बनाने के बाद बची चायपत्ती को अलग कर लें. अगर इसमें दूध और चीनी मिली हुई है तो इसे सीधे पौधे में डालने से बचें. चायपत्ती को पानी से अच्छी तरह धोकर दूध और चीनी के निकाल दें. 

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चायपत्ती को सुखाएं- धुली हुई चायपत्ती को किसी प्लेट या अखबार पर पतली परत में फैला दें. इसे अच्छी तरह सूखने दें. गीली चायपत्ती को सीधे गमले में डालने से मिट्टी में फफूंद या दुर्गंध की समस्या हो सकती है. 

मिट्टी में थोड़ी मात्रा में मिलाएं- जब चायपत्ती पूरी तरह सूख जाए तो इसे थोड़ी मात्रा में गुलाब के गमले की ऊपरी मिट्टी में मिला सकते हैं. बहुत ज्यादा चायपत्ती एक साथ डालने के बजाय कम मात्रा से शुरुआत करें. 

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बेहतर ऑप्शन है कंपोस्ट बनाना

चायपत्ती को सीधे मिट्टी में डालने के बजाय घर की कंपोस्ट में मिलाना ज्यादा बेहतर तरीका हो सकता है. सूखी चायपत्ती को सूखे पत्तों, सब्जियों और फलों के साथ कंपोस्ट किया जा सकता है. तैयार कंपोस्ट को बाद में गुलाब के पौधे की मिट्टी में मिलाएं. 

गुलाब में फूल लाने के लिए सिर्फ खाद ही काफी नहीं

अगर आपके गुलाब के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं तो सिर्फ चायपत्ती की खाद पर निर्भर न रहें. इन बातों का भी ध्यान रखें. 

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  • गुलाब को अच्छी धूप की जरूरत होती है. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोज कई घंटे सीधी धूप मिल सके. बहुत ज्यादा छाया होने पर पौधा पत्तियां तो निकाल सकता है, लेकिन फूल कम आ सकते हैं. 
  • गुलाब के पौधे को पानी देते समय मिट्टी की ऊपरी परत की नमी जरूर टेस्ट करें. मिट्टी लगातार गीली रहने से जड़ों को नुकसान हो सकता है. गमले में पानी निकलने के लिए छेद भी होने चाहिए. 
  • पौधे पर लगे सूखे फूलों को समय-समय पर हटा दें. सूखी और कमजोर शाखाओं की छंटाई करने से पौधे को नई ग्रोथ मिल सकती है. गुलाब के पौधे के लिए ऐसी मिट्टी जरूरी है जिसमें पानी जमा न हो. 

चायपत्ती डालते समय इन गलतियों से बचें

  • दूध वाली चाय की गीली पत्ती सीधे न डालें, क्योंकि इसमें दूध और चीनी से मिट्टी खराब हो सकती है. 
  • किसी भी जैविक सामग्री की ज्यादा मिट्टी को इफेक्ट कर सकती है. इसे फूलों की गारंटी वाली खाद न समझें.

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