Jatinga Village History: असम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चाय के बागानों और जैव विविधता के लिए दुनिया भर में मशहूर है. वैसे तो यहां पर कई जगहें मौजूद है, लेकिन आज हम आपको एक अनोखे गांव की कहानी पता होना चाहिए. हर साल मानसून के अंत में यहां रात के समय बड़ी संख्या में पक्षी नीचे गिरते हुए दिखाई देते हैं. इसी वजह से जटिंगा को अक्सर पक्षियों का सुसाइड पॉइंट भी कहा जाता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आखिर यह गांव कहां पर है और इसका का रहस्य है.
इसे भी पढ़ें- दुनिया के सबसे गर्म 50 शहरों में भारत के 14 शहर हैं शामिल, क्या लिस्ट में आपके शहर का भी है नाम?
कहां है जटिंगा?
जटिंगा असम के दीमा हसाओ जिले में स्थित एक छोटा-सा पहाड़ी गांव है. यह समुद्र तल से करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और चारों ओर घने जंगलों से घिरा हुआ है.
कब होती है यह रहस्यमयी घटना?
यह घटना हर साल सितंबर से नवंबर के बीच देखने को मिलती है. खासतौर पर बारिश के मौसम के बाद, अंधेरी रातों में और शाम लगभग 6 बजे से 10 बजे के बीच यह ज्यादा देखने को मिलती है.
आखिर पक्षी नीचे क्यों गिरते हैं?
वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पीछे कई प्राकृतिक कारण जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे
- बारिश, तेज हवा और घने कोहरे की वजह से पक्षियों का दिशा ज्ञान प्रभावित हो जाता है. ऐसे में वे भ्रमित होकर नीचे की ओर उड़ने लगते हैं.
- रात में गांवों या लोगों द्वारा जलाई गई तेज रोशनी पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करती है. भ्रमित पक्षी रोशनी की दिशा में उड़ते हुए पेड़ों, खंभों या जमीन से टकरा जाते हैं..
- इस दौरान कई स्थानीय और कुछ प्रवासी पक्षी मौसम के कारण अपना रास्ता भटक जाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं.
क्या सच में पक्षी आत्महत्या करते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि खराब मौसम, कम दृश्यता, तेज हवा और कृत्रिम रोशनी मिलकर ऐसी परिस्थितियां बना देती हैं, जिनमें पक्षी भ्रमित होकर नीचे गिर जाते हैं. इसलिए पक्षियों का सुसाइड कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं माना जाता.
किन पक्षियों पर पड़ता है असर?
इस घटना में लगभग 40 से अधिक प्रजातियों के पक्षी प्रभावित होते देखे गए हैं. इनमें अधिकतर छोटे जंगलों में रहने वाले पक्षी शामिल होते हैं, जबकि ऊंची उड़ान भरने वाले बड़े पक्षी आमतौर पर इससे प्रभावित नहीं होते
क्या अब भी होती है यह घटना?
पहले के मुकाबले अब ऐसी घटनाओं की संख्या कम हो गई है इसकी एक वजह वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जागरूकता फैलाना है. अब लोगों को पक्षियों को नुकसान न पहुंचाने और तेज रोशनी का इस्तेमाल क्रम कर दिया है.
इसे भी पढ़ें- 5 स्टार होटल वॉशरूम में दो बेसिन क्यों होते हैं? वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
संबंधित खबरें
करवाचौथ पर पत्नी को खिलाएं खुद से बनाएं स्वादिष्ट गुलाब जामुन
14 mins agoदिवाली पर चमक उठेगा घर का पुराना फर्नीचर, जैतून के तेल से करें ये काम
3 hrs agoइमर्शन रॉड पर जम गई है सफेद पपड़ी? इन तरीकों से करें साफ
7 hrs agoवीकेंड की सुबह बनाएं सूजी का चीला, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का करे मन
10 hrs agoशरद पूर्णिमा पर कैसे बनाएं स्वादिष्ट मिल्कमेड खीर? बेहद आसान है रेसिपी
1 day agoनाभि में कौन सा तेल डालने पर आ सकती है अच्छी नींद? यहां जानिए
1 day agoमडुवा के मोमोज खाते नजर आए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
1 day agoबच्चों के लंच बॉक्स में पैक करके दें यह बिना मैदा वाले मंचूरियन पेनकेक
1 day agoनल से रुक-रुककर आ रहा है पानी तो आजमाकर देखें यह नुस्खा, जाली हो जाएगी साफ
1 day agoकरवाचौथ पर हीरोइनों जैसी चमकेगी स्किन, इस तरह घर पर करें बॉडी पॉलिशिंग
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines