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चिल्लाने पर ही क्यों बात सुनता है बच्चा? चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट ने कहा यह एक गलती हो सकती है वजह

Parenting Advice: माता-पिता एक ही बात को बच्चे से बार-बार कहते हैं लेकिन बच्चा सिर्फ तब ही बात सुनता है जब उसपर चिल्लाया जाता है. ऐसा क्यों होता है और इस सिचुएशन को कैसे ठीक किया जा सकता है, जानिए यहां.

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बच्चा बिना चिल्लाए बात क्यों नहीं सुनता है?

Parenting Tips: आपने कभी नोटिस किया है कि बच्चा आपकी बात तबतक नहीं सुनता जबतक कि आप उसे चिल्लाकर कुछ नहीं कह रहे हैं. बच्चे के लिए आपकी नॉर्मल आवाज के मायने ही नहीं रहते और आपके चिल्लाने को ही वह कमांड समझता है. लेकिन, ऐसा क्यों होता है? चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट डॉ. खुशबू मोध ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर किया है जिसमें वे बता रही हैं कि बच्चा चिल्लाने पर ही बात क्यों सुनता है. साइकोलॉजिस्ट का कहना है माता-पिता की यह एक बड़ी गलती बच्चे के ब्रेन सिग्नल्स को बदल देती है. यहां जानिए कहीं आप भी यही गलती तो नहीं करते हैं?

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चिल्लाए बिना बात क्यों नहीं सुनता बच्चा

साइकोलॉजिस्ट कहती हैं कि अगर आप प्यार से अपने बच्चे से कोई बात कहते हैं और वह नहीं सुनता लेकिन जैसे ही आप उसपर चिल्लाते हैं बच्चा एक सेकंड में बात सुन लेता है तो पैरेंट्स को लगने लगता है कि बच्चे से बात कहने का एकमात्र रास्ता उसपर चिल्लाना ही है. यह इस बात का संकेत है कि आपने अपने का ‘सोर्स कोड’ खराब कर दिया है.

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बच्चे का दिमाग बहुत स्मार्ट होता है. जब आप एक ही बात को बिना किसी एक्शन के बच्चे से 5 बार कहते हैं तो बच्चे का दिमाग पहली चार बार कही बात को स्पैम फॉल्डर में डाल देता है. बच्चे को पता है कि उसे एक्शन तभी लेना है जब आवाज की फ्रीक्वेंसी हाई होगी यानी जब आप चिल्लाएंगे. साइकोलॉजिस्ट बताती हैं कि पैरेंट्स को अपनी बात रिपीट नहीं करनी चाहिए.

कैसे सुनेगा बच्चा बात

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साइकोलॉजिस्ट बताती हैं कि अगर बच्चा एक बार में आपकी बात नहीं सुनता है तो आपको उठकर बच्चे के पास जाना चाहिए उसके कंधे पर हाथ रखना चाहिए और आई कॉन्टेक्ट बनाते हुए फिर एक्शन लीजिए. शब्दों से ज्यादा फिजिकल प्रेजेंस और एक्शन काम करते हैं. आपको बिना किसी कारण के अपने और अपने बच्चे के नर्वस सिस्टम को खराब नहीं करना चाहिए.

मान लीजिए अगर आप बच्चे से टीवी बंद करने के लिए कह रहे हैं और बच्चा एक बार में बात नहीं सुनता है तो आपको 10 सेकंड के भीतर ही बच्चे के पास जाना चाहिए और जाकर कहना चाहिए कि अगर अभी तुमने टीवी बंद नहीं किया तो मुझे करना पड़ेगा. एक्शन लेने पर बच्चा बात को समझेगा और आपको चिल्लाना नहीं पड़ेगा.

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बच्चे के दिमाग का स्पैम फोल्डर क्या होता है

किसी तरह का एक्शन लिए बिना जब आप अपनी बात को दोहराते रहते हैं तो बच्चे के नर्वस सिस्टम को सिग्नल जाता है कि आपकी नॉर्मल आवाज मीनिंगलेस है और उसका कोई मतलब नहीं है. बच्चे का ब्रेन आपकी जेंटल वॉइस को स्पैम फोल्डर में डालने लगता है और आपका चिल्लाना ही उसके लिए असल बात या कहें वीआईपी नोटिफकेशन बन जाता है. इसीलिए बच्चे को अपनी बात चिल्लाकर नहीं करनी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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