दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर कैसे पकड़ा फर्जी वीजा रैकेट? तीन भारतीय यात्रियों ने किया पर्दाफाश

fake visa racket busted Delhi IGI Airport: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर तीन भारतीय यात्रियों के पास से मिले फर्जी वीजा ने पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया. तमिलनाडु बेस्ड यह नेटवर्क भारतीय नौकरीपेशा युवाओं को नकली French D-type Visa दिलवाकर विदेश भेजने की कोशिश कर रहा था.

fake visa racket busted

fake visa racket busted Delhi IGI Airport: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने एक और बड़े फर्जी वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया है. तमिलनाडु बेस्ड यह नेटवर्क भारतीय नौकरीपेशा युवाओं को नकली French D-type Visa दिलवाकर विदेश भेजने की कोशिश कर रहा था. तीन भारतीय यात्रियों के पास से मिले फर्जी वीजा ने पूरे रैकेट का पर्दाफाश कर दिया. IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के इमिग्रेशन काउंटर पर 28 अक्टूबर को तीन यात्री नवीराज सुब्रमणियम, मोहन गांधी इलंगोवन और प्रभाकरण सेंथिलकुमार क्लियरेंस के लिए पहुंचे, लेकिन इमिग्रेशन जांच के दौरान सभी के पास लगे French D-type Visa को संदिग्ध पाया गया.

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एक छह लाख तो दो 12-12 लाख में मिले थे वीजा

वीज़ा में सुरक्षा फीचर्स नहीं थे और प्राथमिक जांच में पता चला कि ये पूरी तरह फर्ज़ी हैं. इसी आधार पर आईजीआई एयरपोर्ट थाने में BNS और पासपोर्ट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि नवीराज को उसका भाई 6 लाख रुपये लेकर फर्जी वीज़ा दिलवाकर भेज रहा था, जबकि बाकी दोनों यात्रियों ने तमिलनाडु के नमक्कल जिले में रहने वाले एक एजेंट को 12–12 लाख रुपये दिए थे.

एजेंट वी. कन्नन गिरफ्तार

रैकेट का पता लगते ही SHO की अगुवाई में एक टीम गठित की गई. स्थानीय इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने तमिलनाडु के नमक्कल ज़िले से 55 वर्षीय एजेंट वी. कन्नन को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में कन्नन ने कबूल किया कि वह परमाथी में एक सरकारी संबद्ध ITI चलाता है और वेलुर में “Vetri Overseas” नाम से एक ओवरसीज़ एजुकेशन कंसल्टेंसी भी. कन्नन अपने साथी साथिक सैयद उर्फ अब्दुल हकीम के साथ मिलकर युवाओं को पेरिस में वेयरहाउस जॉब दिलाने के नाम पर फंसाता था. अब तक कम से कम 16 युवाओं से मोटी रकम लेकर फर्जी इंटरव्यू करवा कर नकली वीज़ा तैयार करवाए गए थे. पुलिस अब फरार साथी एजेंट की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों या पुराने मामलों से जुड़े हैं या नहीं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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