पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर ताशकंद में हैं. ये उनका चौथा उज्बेकिस्तान दौरा है. ताशकंद पहुंचने पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर उनका तहेदिल से स्वागत किया. पीएम मोदी ने रविवार को कहा- ''ताशकंद में मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी और स्नेह के साथ स्वागत करने के लिए मैं उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति और यहां के लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं. उज्बेकिस्तान की मेरी यात्रा हमारे करीबी रिश्तों, बेहतर तालमेल और गहरी दोस्ती को दिखाती है. मुझे लगभग एक दशक से राष्ट्रपति के साथ काम करने का सौभाग्य मिला है और इस दौरान मैं उनसे दस से ज़्यादा बार मिल चुका हूं. भारत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं.'' आपको बता दें कि उज्बेकिस्तान के बाद पीएम मोदी किर्गिज गणराज्य का रुख करेंगे. लेकिन सबसे पहले ये चर्चा करते हैं कि भारत के 1 हजार रुपये उज्बेकिस्तान में कितने हो जाते हैं और वहां इतने पैसों में क्या-क्या खरीदा जा सकता है.
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1 हजार रुपये में क्या मिलता है?
उज्बेकिस्तान में उज्बेक सोम करेंसी चलती है, लेकिन भारत का रुपया उससे कहीं ज्यादा मजबूत है. भारत के 1 हजार रुपये करीब 1,23,715 से 1,24,000 उज्बेक सोम के बराबर हैं. इतनी राशि में इंडियन टूरिस्ट वहां बड़े ही आराम से रोजमर्रा के खाने-पीने की चीजें, ट्रैडिशनल कपड़े और स्मृति चिह्न खरीद सकते हैं. उज्बेकिस्तान की यात्रा भारतीय ट्रैवलर्स के लिए बेहद बजट फ्रेंडली है. खरीदारी की अगर बात करें तो उज्बेकिस्तान की फेमस समरकंद ब्रेड 8 हजार-12 हजार सोम में मिल जाती है, जो इंडियन करेंसी के मुताबिक सिर्फ 65 से 100 रुपये ही पड़ता है. स्ट्रीट फूड में लाइट ब्रेकफास्ट 20 से 35 हजार सोम यानी 160-280 रुपये में खरीदा जा सकता है. ट्रैडिशनल पॉट ग्रीन टी और पानी की बोतल 5 हजार से 10 हजार सोम में मिल जाती है, जो भारतीयों के लिए महज 40 से 80 रुपये हैं. ताशकंद के चोर्सू या समरकंद के सियाब बाजार से ड्राई फ्रूट्स और कोटन ट्रैडिशनल कैप (Doppi) 160 से 240 रुपये में खरीदी जा सकती है.
सस्ता खाना और किफायती यात्रा
उज्बेकिस्तान में ट्रैवलर्स के लिए सबसे सस्ता मिलता है खाना और घूमना. सिर्फ 200 रुपये में कोई भी व्यक्ति भरपेट खाना खा सकता है और वहां के लोकल फूड के लुत्फ उठा सकता है. खाने के अलावा उज्बेकिस्तान में ट्रैवल करने बेहद किफायती है. ताशकंद जैसे शहरों में टैक्सी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रेट काफी कम हैं. करीब 300 से 400 रुपये में कोई भी इंडियन ट्रैवलर आसानी से पूरा शहर घूम सकता है. पॉकेट फ्रेंडली होने की वजह से हर साल हजारों भारतीय उज्बेकिस्तान घूमने जाते हैं. आपको बता दें कि उज्बेकिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं. वहां मौजूद इंडियन एंबेसी के आंकड़ों के मुताबिक, उज्बेकिस्तान में इस वक्त करीब 20 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं, जिनमें से करीब 16 हजार सिर्फ स्टूडेंट्स है. ये छात्र ताशकंद, समरकंद और बुखारा जैसे शहरों में जाने-माने सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं.
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