देश के 77वें गणतंत्र दिवस पर स्वामी रामदेव ने दिलाए पञ्चप्रण
पतंजलि गुरुकुल में 77वां गणतंत्र दिवस स्वदेशी शपथ और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया, जिसमें देशभक्ति, अनुशासन और भारत की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता की झलक देखने को मिली.
पतंजलि गुरुकुल ने भारत का 77वां गणतंत्र दिवस बड़े जोश और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया, जिसमें गुरुकुल के स्टूडेंट्स ने भारत की समृद्ध विरासत और मूल्यों को दिखाते हुए सांस्कृतिक प्रदर्शन के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई.
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पतंजलि योगपीठ के परमाध्यक्ष स्वामी रामदेव जी व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण जी ने पतंजलि वेलनेस, फेस-2 में ध्वजारोहण कर देशवासियों को देश के 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. इस अवसर पर स्वामी जी ने स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी चिकित्सा, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, स्वदेशी सनातन जीवन पद्धति तथा स्वदेशी से स्वावलम्बी विकसित भारत- पञ्चप्रण लेते हुए राष्ट्रसेवा की बात कही.
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इस इवेंट में बोलते हुए, बाबा रामदेव ने नागरिकों से स्वदेशी प्रोडक्ट्स अपनाने की अपील की और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक सुपरपावर बनाने के अपने विजन को दोहराया. स्वामी रामदेव ने आगे कहा कि दुनिया एक मुश्किल और जोखिम भरे समय से गुजर रही है, जिसमें हर जगह ट्रेड वॉर, राजनीतिक तनाव और सामाजिक अशांति बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि भारत में भी लोगों को धर्म और संस्कृति के नाम पर बांटा जा रहा है. देशों द्वारा एक-दूसरे पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी का जिक्र करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ट्रेंड्स ग्लोबल शांति के लिए खतरनाक हैं.
इस बात के सपोर्ट में, उन्होंने दुनिया में चल रहे ट्रेड तनावों के उदाहरण दिए, जहां USA जैसे देश ज़्यादा टैरिफ लगाकर दूसरों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे, जिससे दुनिया में आर्थिक अस्थिरता पैदा हो रही थी. इस मुश्किल और मुश्किल समय में, रामदेव का पक्का मानना है कि अब समय आ गया है कि भारत एकजुट होकर एक मजबूत, सेहतमंद, अमीर और अच्छी तरह से बना हुआ देश बनाने का वादा करे, जिसमें खुद से बनी शिक्षा, दवा, अर्थव्यवस्था और सनातन संस्कृति को सबसे ज्यादा अहमियत दी जाए.
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उन्होंने लोगों से सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देने की भी अपील की; उन्होंने लोगों को जाति, समुदाय, भाषा या इलाके के भेदभाव से ऊपर उठने का सुझाव दिया, और इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ भारत जैसा मजबूत देश ही दुनिया में सुरक्षा और सम्मान देगा.
रिपब्लिक डे कार्यक्रम में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ कई शानदार प्रस्तुतियों को पेश किया. इनमें गायन, योगासन प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे. हर प्रस्तुति में उनका आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता साफ दिखाई दी. इस आयोजन से गुरुकुल की समग्र शिक्षा पद्धति झलकी, जहां आधुनिक पढ़ाई को भारतीय परंपराओं के साथ जोड़ा जाता है
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पतंजलि के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने छात्रों की मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन की तारीफ की. वहीं, बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि गुरुकुल कम खर्च में अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देता है, ताकि हर वर्ग के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा कर सकें. उन्होंने बताया कि स्कूल बच्चों के संस्कार, चरित्र और क्षमता को निखारने पर खास ध्यान देता है, जिससे वे समाज और देश के लिए उपयोगी बन सकें.
पतंजलि गुरुकुल में मनाया गया रिपब्लिक डे देशभक्ति, अनुशासन और देश की प्रगति के प्रति समर्पण को साफ तौर पर दिखाता है.