मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के नगरों शहरों में सार्वजनिक जनहितकारी परियोजनाओं के लिए नगरपालिकाओं को निःशुल्क भूमि आवंटित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
शहरी क्षेत्रों में प्रशासन अधिक पारदर्शी बने और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलें, इसके लिए नगर पालिकाओं को विकास कार्यों हेतु अब 11 प्रकार की विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरलता से निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस जनहितोन्मुखी निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य की लगभग 152 नगर पालिकाओं को विकास कार्यों के लिए पहले सरकारी भूमि प्राप्त करने पर बाजार मूल्य या जंत्री दर के 25 से 50 प्रतिशत तक जो राशि चुकानी पड़ती थी, उससे मुक्ति मिलेगी. इतना ही नहीं, भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी अधिक सरल बनेगी.
मुख्यमंत्री द्वारा नगर पालिकाओं को सार्वजनिक सुविधा एवं जनकल्याण के परियोजनाओं के लिए निःशुल्क सरकारी भूमि देने के निर्णय के अनुसार; नगर सेवा सदन, फायर स्टेशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत सीवर, ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन, जल आपूर्ति परियोजना, सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज कार्य, आंगनवाड़ी, टाउन हॉल, कम्युनिटी हॉल, कन्वेंशन सेंटर जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाएं लोगों को आसानी से उपलब्ध हों; ऐसा सिटीजन-सेंट्रिक दृष्टिकोण अपनाया गया है.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस जनहितोन्मुखी निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य की 152 नगर पालिकाओं पर आर्थिक भार कम होने से विकास परियोजनाएं तेजी से शुरू हो सकेंगी और नगरों के विकास को और अधिक गति मिलेगी.
नागरिकों को भी पानी, सीवर, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी प्राथमिक सुविधाएं शीघ्रता से उपलब्ध होंगी.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के नगरों शहरों में सार्वजनिक जनहितकारी परियोजनाओं के लिए नगरपालिकाओं को निःशुल्क भूमि आवंटित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
शहरी क्षेत्रों में प्रशासन अधिक पारदर्शी बने और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलें, इसके लिए नगर पालिकाओं को विकास कार्यों हेतु अब 11 प्रकार की विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सरलता से निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस जनहितोन्मुखी निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य की लगभग 152 नगर पालिकाओं को विकास कार्यों के लिए पहले सरकारी भूमि प्राप्त करने पर बाजार मूल्य या जंत्री दर के 25 से 50 प्रतिशत तक जो राशि चुकानी पड़ती थी, उससे मुक्ति मिलेगी. इतना ही नहीं, भूमि आवंटन की प्रक्रिया भी अधिक सरल बनेगी.
मुख्यमंत्री द्वारा नगर पालिकाओं को सार्वजनिक सुविधा एवं जनकल्याण के परियोजनाओं के लिए निःशुल्क सरकारी भूमि देने के निर्णय के अनुसार; नगर सेवा सदन, फायर स्टेशन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, भूमिगत सीवर, ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन, जल आपूर्ति परियोजना, सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज कार्य, आंगनवाड़ी, टाउन हॉल, कम्युनिटी हॉल, कन्वेंशन सेंटर जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाएं लोगों को आसानी से उपलब्ध हों; ऐसा सिटीजन-सेंट्रिक दृष्टिकोण अपनाया गया है.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के इस जनहितोन्मुखी निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य की 152 नगर पालिकाओं पर आर्थिक भार कम होने से विकास परियोजनाएं तेजी से शुरू हो सकेंगी और नगरों के विकास को और अधिक गति मिलेगी.
नागरिकों को भी पानी, सीवर, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी प्राथमिक सुविधाएं शीघ्रता से उपलब्ध होंगी.