मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार की नई ट्रांसपोर्ट पॉलिसी का मकसद है कि शहरों और गांवों में रहने वाले लोगों को सस्ता, सुरक्षित और हर जगह पहुंचने वाला बस का सफर मिले. सरकार ने ट्रांसपोर्ट विभाग को अपनी बसें खरीदने और किराए पर लेने, दोनों तरीकों से बढ़ाने की इजाजत दे दी है. इससे पैसे की बचत भी होगी और लोगों को जल्दी और बेहतर बस सेवा मिलेगी.
नई बढ़ोतरी में से 796 बसें सरकार खुद खरीदेगी, और 483 बसें किलोमीटर स्कीम (किराए पर चलने वाली) में जोड़ दी जाएंगी. इससे सरकार जरूरत के मुताबिक रूट और मांग के अनुसार बसें आसानी से चला पाएगी.अभी पंजाब में कुल 2,267 बसें चल रही हैं, जिनमें से 1,119 बसें PUNBUS (पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कंपनी) के पास हैं.
बसों की बढ़ोतरी के लिए सरकार कुल 696 साधारण बसें और 100 मिडी बसें खरीदेगी. इनमें से 387 साधारण बसें PUNBUS को दी जाएंगी और 309 साधारण बसें PRTC को मिलेंगी. साथ ही PRTC में 100 मिडी बसें भी जोड़ी जाएंगी, क्योंकि ये छोटी बसें शहरों की गलियों और गांवों के छोटे रास्तों पर बेहतर चलती हैं, जहां बड़ी बसें आसानी से नहीं जा पातीं। इस तरह यह कदम छोटे शहरों और गांवों में कनेक्टिविटी की कमी को काफी हद तक पूरा करेगा.
रिपोर्ट के अनुसार, नई साधारण बसें AIS-153 स्टैंडर्ड के अनुसार खरीदी जाएंगी, जिससे सुरक्षा, सुविधा और आराम पक्का होगा. इन बसों में आसानी से चढ़ने-उतरने की सुविधा, व्हीलचेयर के लिए जगह, अच्छी राइड क्वालिटी, आग का पता लगाने की तकनीक, GPS, CCTV, साफ इमरजेंसी निशान और बेहतर लाइट मिलेंगी. इन सुविधाओं से यात्रियों की सुरक्षा और भी मजबूत होगी, खासकर रात को सफर करने वाली महिलाओं के लिए.
मान सरकार का कहना है कि यह बदलाव दिखाता है कि राज्य की सोच जनता की भलाई पर टिकी है. सरकार चाहती है कि हर नागरिक को अच्छी, सुरक्षित और आसानी से मिलने वाली बस सेवा मिले न कि ऐसा सिस्टम जो सिर्फ मुनाफा कमाने या कुछ लोगों को पीछे छोड़ दे. PUNBUS और PRTC को मजबूत बनाकर पंजाब सरकार फिर साफ कर रही है कि वह जनता को भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन देने के लिए पूरी तरह समर्पित है.
ध्यान देने वाली बात है कि सस्ती बस सेवा सीधे लोगों की पढ़ाई, इलाज और नौकरी तक पहुंच को बेहतर बनाती है. इसी लिए 1,279 आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुसार चलने वाली बसों को जोड़ना कोई दिखावटी काम नहीं, बल्कि एक बड़ा और जरूरी सुधार है. यह बदलाव सिर्फ प्राइवेट कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए बनाया गया है, ताकि सबको बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिले. सीएम भगवंत मान की सरकार इस सिस्टम को सालों की लापरवाही से निकालकर जनता के काम आने वाली सेवा में बदल रही है.










