ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाने के लिए सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. सूत्रों के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खामेनेई के सुपुर्द-ए-ख़ाक समारोह में शामिल होने के लिए न्योता भेजा है. ये समारोह 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच ईरान के कई शहरों में आयोजित किए जाएंगे. हालांकि, भारत ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि पीएम मोदी को निमंत्रण मिला है या नहीं, या फिर वो इस कार्यक्रम के लिए ईरान जाएंगे या नहीं.
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तेहरान में होगा सुपुर्द-ए-ख़ाक
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का भेजा गया निमंत्रण भारत के विदेश मंत्रालय को मिल गया है। हालांकि, अभी यह साफ़ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या सरकार की ओर से कोई और वरिष्ठ भारतीय प्रतिनिधि ईरान जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम विदाई की रस्में 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और क़ोम में होंगी, जबकि आखिरी और सबसे बड़ी रस्म 9 जुलाई को मशहद में होगी. 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य ऑपरेशन में मारे जाने से पहले, खामेनेई ने लगभग तीन दशकों तक ईरान का नेतृत्व किया था.
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ईरान के नया सर्वोच्च नेता कौन?
अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद, उनके बेटे मोजतबा अल-खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया. अमेरिका और इज़रायल, दोनों के साथ करीबी रणनीतिक संबंध होने के चलते भारत ने खामेनेई की हत्या का औपचारिक रूप से विरोध नहीं किया. हालांकि, बाद में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दिवंगत ईरानी नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया. वहीं ईरान-अमेरिका के युद्धविराम के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए नई दिल्ली का दौरा किया और अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की. इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री अराघची ने प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की. हाल के महीनों में ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के कई दौरे किए हैं, खासकर दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बैठकों में शामिल होने के लिए.
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