मिडिल ईस्ट में विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को कथित तौर पर ईरानी बलों द्वारा मार गिराया गया. इस हमले में हेलीकॉप्टर पूरी तरह ध्वस्त हो गया और पायलटों ने किसी तरह समुद्र में कूदकर अपनी जान बचाई. इस बीच पायलटों के लिए राहत बनकर उनके करीब पहुंचे एआई ड्रोन बोट Corsair ने पायलट और को-पायलट की जान बचाई. सोशल मीडिया पर अब ड्रोन बोट की चर्चा तेज हो गई है, साथ ही इसके पीछे लगे भारतीय दिमाग की खूब तारीफ हो रही है. आइए जानते हैं, किस भारतीय शख्स ने बनाया ड्रोन बोट Corsair?
ड्रोन बोट की खासियतें
टेक्सास की एक कंपनी, Saronic Technologies, और उसके भारतीय मूल के सह-स्थापक विभव अल्टेकर की बनाई हुई 24 फीट लंबी ड्रोन-बोट Corsair डीजल पर चलती है, 35 नॉट तक की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी रेंज 1,000 नॉटिकल माइल से अधिक बताई जाती है. कंपनी का कहना है कि यह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड सेंसिंग टेक्नोलॉजी से लैस है और यह 1,000 पाउंड तक का भार उठाने में सक्षम है.
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कंपनी को मिला भारी-भरकम प्रोजेक्ट
इसे बनाने वाली कंपनी Saronic Technologies का मुख्यालय ऑस्टिन, टेक्सास में है. कंपनी सितंबर 2022 में बनाई गई थी और इसके सह-स्थापकों में दिवो मैव्रूकोस (पूर्व Navy SEAL), डग लैम्बर्ट, रॉब लेहमान और विभव अल्टेकर शामिल हैं. कंपनी की LinkedIn प्रोफाइल बताती है कि उसके पास US Navy के साथ ड्रोन बोट के लिए लगभग 392 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट है.
कौन हैं विभव अल्टेकर?
विभव अल्टेकर इस कंपनी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं. उनकी पढ़ाई यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की है और वो ऑटोनॉमस सिस्ट और सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर के विकास के प्रमुख रहे हैं. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक वह फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट और स्पेशल प्रोग्राम्स का नेतृत्व करते हैं और पर्सेप्शन, नेविगेशन, मशीन लर्निंग, कमांड एंड कंट्रोल और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में टीमों के साथ काम करते हैं.
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कई प्रोजेक्ट में किया काम
अल्टेकर का करियर ऑटोनॉमस सिस्टम्स और समुद्री तकनीक में काफी सक्रिय रहा है. उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स में काम किया है और Anduril जैसी कंपनी में भी शुरुआती इंजीनियरों में रहे, जहां उन्होंने रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के Ghost Shark ड्रोन सबमरीन जैसे कार्यक्रमों में योगदान दिया.
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