---विज्ञापन---

देश angle-right

कौन है मोनू मानेसर, जिसके नाम पर जल उठा हरियाणा?

Monu Manesar: हरियाणा के नूंह में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की ब्रजमंडल यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी। अब तक इस हिंसा में दो होमगार्ड समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा की आग गुरुग्राम तक फैली, जहां रात में एक मस्जिद […]

---विज्ञापन---

Monu Manesar: हरियाणा के नूंह में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की ब्रजमंडल यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी। अब तक इस हिंसा में दो होमगार्ड समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हिंसा की आग गुरुग्राम तक फैली, जहां रात में एक मस्जिद को जला दिया गया। इस हिंसा के पीछे मोनू मानसेर का नाम सामने आया है। मोनू मानेसर ने ब्रजमंडल यात्रा से पहले एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें दावा किया गया था कि वह नूंह के धार्मिक जुलूस में शामिल होगा और अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में यात्रा में आने की अपील की थी। हालांकि वह यात्रा में नहीं पहुंचा।

सूत्रों का कहना है कि मोनू मानेसर ने विश्व हिंदू परिषद की सलाह पर यात्रा में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि उन्हें डर था कि उसकी उपस्थिति से तनाव पैदा हो सकता है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ेंयह भी पढ़ें –  News24 EXCLUSIVE: अंजू ने कबूला इस्लाम, लेकिन क्या ‘बच्चों’ को कबूल करेगा पाकिस्तान?

क्या है मोनू मानेसर की असलियत?

30 वर्षीय मोनू मानेसर बजरंग दल का नेता है। वह गौरक्षक भी है। फरवरी में उसका नाम तब सुर्खियों में आया, जब भिवाणी में एक बोलेरो से दो कंकाल मिले। मृतकों की शिनाख्त राजस्थान के जुनैद और नासिर के रुप में हुई। आरोप है कि मोनू मानेसर ने दोनों की अपहरण के बाद हत्या की, फिर उन्हें जला दिया।

---विज्ञापन---

जुनैद और नासिर पशु व्यापारी थे। राजस्थान के भरतपुर में उनके परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें बजरंग दल के सदस्यों ने पीटा और मार डाला। राजस्थान पुलिस ने कहा कि वे कई बार मानेसर को गिरफ्तार करने के करीब पहुंचे, लेकिन सूचना लीक हो गई और वह भागने में सफल रहा।

2015 में सरकार ने बनाया था टास्क फोर्स का मेंबर

मोनू मानेसर उर्फ मोहित यादव, मेवात में एक गौरक्षक समूह का नेतृत्व करता है। वह लव जिहाद के खिलाफ अभियानों में भी सक्रिय हैं। वह 2019 में पहली बार तब सुर्खियों में आया, जब कथित गौ तस्करों का पीछा करते समय उस पर गोली चलाई गई। वह 2015 में गाय संरक्षण कानून लागू होने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा गठित जिला गाय संरक्षण टास्क फोर्स का सदस्य भी था।

---विज्ञापन---

मोनू मानेसर के सोशल मीडिया पर तमाम फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया अकाउंट पर हथियारों और कारों को दिखाते हुए अपनी तस्वीरें पोस्ट करता है।

यह भी पढ़ें: Rajasthan: नूंह-सोहना में तनाव के बाद भरतपुर में इंटरनेट बंद, हरियाणा बाॅर्डर पर पुलिस ने निकाला मार्च

---विज्ञापन---
First published on: Aug 01, 2023 03:49 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola