विमल कौशिक, नई दिल्ली:
Who is Cricketer Mrinank Singh: दिल्ली के फाइव स्टार होटल ताज पैलेस में लग्जरी सुविधाओं के बीच एक हफ्ते तक ऐशो आराम करने के बाद एक शख्स बिना बिल चुकाए भाग गया। इस शख्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दिल्ली की चाणक्यपुरी पुलिस ने हरियाणा के रहने वाले महाठग मृणांक सिंह को पकड़ा है। वह खुद को बड़ा क्रिकेटर और कर्नाटक का पुलिस अधिकारी बताते हुए लोगों पर रौब झाड़ता था। आरोपी मृणांक के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह पिछले साल ताज पैलेस होटल से 5,53,000 रुपये की धोखाधड़ी करके फरार हो गया था।
दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आरोपी मृणांक सिंह ने कर्नाटक के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के रूप में पहचान बनाकर देशभर में कई बड़े होटल मालिकों और मैनेजमेंट को चूना लगाया है। इसके धोखाधड़ी के शिकार लोगों में टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋषभ पंत भी शामिल हैं। आइए जानते हैं कि मृणांक सिंह कौन है…
हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है मृणांक सिंह
मृणांक सिंह हरियाणा के फरीदाबाद का रहने वाला है। उसने हिंदू कॉलेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम और राजस्थान के चूरू स्थित एक कॉलेज से एचआर में एमबीए किया है। वह खुद को क्रिकेटर बताता है। मृणांक का दावा है कि उसने 2021 में हरियाणा से रणजी ट्रॉफी खेली है। वह 2014 से 2018 तक मुंबई इंडियंस की ओर से आईपीएल का हिस्सा होने का भी दावा करता है। मृणांक सिंह ऐशोआराम की लाइफ स्टाइल के साथ ही फाइव स्टार होटल्स में लड़कियों के साथ पार्टी करने, महंगे कपड़े, बैग खरीदने और विदेश यात्रा करने का शौकीन है। अपनी इसी लाइफस्टाइल के लिए उसने जुर्म का रास्ता अपनाया।
कैसे खुला पूरा मामला
दरअसल ताज पैलेस होटल मैनेजमेंट की ओर से एक शिकायत दी गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि मृणांक सिंह ने खुद को एक क्रिकेटर के रूप में पेश किया था। उसने ताज पैलेस होटल में 22 से 29 जुलाई 2022 तक स्टे किया था। इसके बाद वह बिना बिल चुकाए ही होटल से फरार हो गया।
करीब 5.50 लाख रुपये के भुगतान के लिए उससे पूछा गया तो उसने कहा कि इसका पेमेंट एडिडास कंपनी करेगी। मृणांक सिंह खुद को इस कंपनी का ब्रांड एम्बेसडर भी बताया। उसने होटल को 2 लाख रुपये का फर्जी ट्रांसफर दिखाकर मैनेजमेंट को भरोसे में लिया, लेकिन जब होटल के सिस्टम में इसकी जांच की गई तो पाया गया कि उसने कोई पेमेंट नहीं किया था।
इसके बाद मृणांक सिंह और मैनेजर गगन सिंह से मोबाइल पर कई बार संपर्क किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह पेमेंट करने के लिए अपने ड्राइवर को कैश के साथ भेज रहे हैं, लेकिन कोई भी होटल नहीं पहुंचा।
इसके बाद होटल की ओर से जब बार-बार संपर्क किया गया, लेकिन वह हर बार टालमटोल करता रहा। आखिरकार होटल मैनेजमेंट ने परेशान होकर पुलिस में मामला दर्ज कराया। जिसके बाद मृणांक को नोटिस भी उसके दिए पते पर भेजा गया, लेकिन वह वहां नहीं मिला। मृणांक के पिता के अनुसार, वह अपने बेटे को संपत्ति से बेदखल कर चुके हैं।
बार-बार बदल रहा था लोकेशन
इसके बाद चाणक्य पुरी पुलिस स्टेशन ने आरोपी मृणांक सिंह का पता लगाने के लिए एक टीम बनाई, लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि वह बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वह पुलिस जांच से बचने के लिए अधिकतर अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ रखता था।
पता चला कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या इंटरनेट चैटिंग एप्लिकेशन पर ही एक्टिव होता था। जिससे उसकी लोकेशन पता करने में दिक्कत होती थी। इसके बाद मृणांक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
इसी बीच मृणाक को हांगकांग के लिए के लिए जा रहा था तो अधिकारियों ने उसे IGI हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया। हवाई अड्डे पर अपनी हिरासत के दौरान ठग मृणांक सिंह ने खुद को आलोक कुमार आईपीएस, एडीजीपी कर्नाटक बताकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन कर अधिकरियों को प्रभावित करने की कोशिश की।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पूछताछ के दौरान उसने बार-बार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इस दौरान उसने दावा किया कि पिता अशोक कुमार सिंह इंटरनेशनल क्रिकेटर रहे हैं। उसने अधिकारियों को यह बताकर अपनी बातों में फंसाने की कोशिश की कि पिता एयर इंडिया में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात हैं।
हालांकि पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने खुद को एडीजीपी कर्नाटक बताकर कई लग्जरी रिसॉर्ट्स और होटलों को लाखों रुपये का चूना लगाया। बताया जा रहा है कि ठगी गई रकम करोड़ों रुपये में है। स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत से भी इस ठग ने करीब दो साल पहले 1.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। मृणांक को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड ली गई है।