What is a Private Member Bill: पार्लियामेंट में मानसून सेशन 2025 की शुरुआत आज 21 जुलाई से होने जा रही है। इसके लिए रविवार को केंद्र सरकार ने ऑल-पार्टी मीटिंग भी की, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मानसून सेशन 2025 के दौरान संसद में जनता के हितों से जुड़े कुछ नए बिलों को पास किया जाएगा। साथ कई नए प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे। इसके अलावा संसद में प्राइवेट मेंबर बिलों को भी पास किया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राइवेट मेंबर बिल क्या होता है और इसे संसद में कौन पेश करता है?
क्या होता है प्राइवेट मेंबर बिल?
संसद में पास होने वाले प्राइवेट मेंबर बिल को हिंदी में ‘गैर-सरकारी विधेयक’ कहते हैं। प्राइवेट मेंबर बिल संसद में मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले सरकारी विधेयक से काफी अलग होता है। जहां सरकारी विधेयक सरकार की नीतियों और प्राथमिकताओं पर आधारित होते हैं, वहीं ये गैर-सरकारी विधेयक संसद के किसी भी सदस्य की तरफ से उठाए गए सामाजिक मुद्दे पर हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए, एक सांसद जो मंत्री नहीं है, लेकिन अगर वह पानी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक विधेयक पेश करता है, जो सामाजिक रूप से प्रभावशाली हो, तो वह एक प्राइवेट मेंबर बिल कहलाएगा।
कौन पेश करता है प्राइवेट मेंबर बिल?
संसद में प्राइवेट मेंबर बिल को सिर्फ वही सदस्य पेश कर सकता है, जो मंत्री नहीं है। आसान भाषा में कहें तो संसद का वो सदस्य, जो सरकार का हिस्सा नहीं है, सिर्फ वही प्राइवेट मेंबर बिल पेश कर सकता है। प्राइवेट मेंबर बिल लोकतांत्रिक नजरिए से काफी महत्वपूर्ण है। जानकारी के अनुसार, पिछले साल 2024 के मानसून सेशन के दौरान लोकसभा में कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं किया गया था।