हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

भारत-पाकिस्तान के बीच क्या होने वाला है? क्यों हुईं 3 महीने में 2 बार सीक्रेट मीटिंग

एक रिपोर्ट ने नया खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के पूर्व सेना जनरलों और सेवानिवृत्त राजनयिकों ने पिछले तीन महीनों में कम से कम दो बार मुलाकात की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन

ऑपरेशन सिंदूर को पूरा एक साल बीत चुका है। हालांकि पाकिस्तान और भारत के बीच कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ है, लेकिन एक रिपोर्ट ने नया खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत और पाकिस्तान दोनों के पूर्व सेना जनरलों और सेवानिवृत्त राजनयिकों ने पिछले तीन महीनों में कम से कम दो बार मुलाकात की है, जिसमें एक बार कतर में और एक अन्य एशियाई राजधानी में हुई मुलाकात शामिल है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैठकें बैक चैनल के माध्यम से हुईं थीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह इस तरह की पहली पहल है, क्योंकि आधिकारिक हलकों में इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ इस तरह का संपर्क मार्ग खोलने के पक्ष में बढ़ती सहमति है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल के कार्यालय तक “पहुंचा” गया है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को भी पाकिस्तान की “इच्छा” के बारे में सूचित कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें: ड्रैगन का बड़ा कबूलनामा… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तानी एयरबेस पर मौजूद थे चीनी इंजीनियर,

विज्ञापन

बैक चैनल संचार के पक्ष में अभी तक कोई राजनीतिक निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन इस पुनर्विचार के पीछे प्रमुख कारणों में से एक यह अनिवार्यता है कि किसी अन्य हमले की स्थिति में तनाव को “नियंत्रित” किया जा सके।

रिपोर्ट में बताया कि सूत्रों के अनुसार, फिलहाल दोनों देशों के बीच स्थापित संकट प्रबंधन तंत्र का अभाव है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, संचार का एकमात्र माध्यम दोनों देशों के सैन्य अभियानों के महानिदेशक (डीजीएमओ) स्तर की हॉटलाइन थी। आज, डीजीएमओ सप्ताह में एक बार, आमतौर पर मंगलवार को, आपस में बात करते हैं।

विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली का मानना ​​है कि किसी भी तरह की गुप्त बातचीत उसके इस स्पष्ट रुख का खंडन नहीं करती कि “आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।” इसे भारतीय पक्ष की ओर से नागरिक सरकार और दूसरे पक्ष की ओर से उसके समकक्षों (जो सेना भी हो सकती है) के नेतृत्व में संकट प्रबंधन तंत्र के रूप में भी देखा जा रहा है।

एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि फिलहाल, पाकिस्तान ईरान वार्ता में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति ट्रंप के वार्ताकार वहां मौजूद हैं। ट्रंप ने मुनीर समेत पाकिस्तान के नेतृत्व को अपना पूरा समर्थन दिया है। ऐसे में, अगर सीमा पार से प्रेरित या समर्थित कोई और हमला होता है, तो नई दिल्ली के लिए वैश्विक चर्चा में अपनी रणनीति को सही दिशा में ले जाना और इस्लामाबाद पर दबाव बनाना एक चुनौती होगी। इसलिए हमें अपने स्वयं के संपर्क बिंदु स्थापित करने की आवश्यकता है।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: भारतीय सेना की ‘अंग्रेजी’ पर पाक सेना प्रवक्ता ने कसा तंज, तो पाकिस्तानियों ने ही लगा दी क्लास

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola