कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की. यह मुलाकात करीब तीन घंटे चली. मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी जेपी नड्डा के साथ बैठक अच्छी रही और उन्होंने हमारी सारी बातें भी सुनीं. सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा. जिसमें मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है.
इस मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखते हुए कहा कि 'आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 AM से ही हमारी बातचीत जारी है. सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा करीब 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई.'
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साथ ही उन्होंने कहा, 'मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें.'
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वहीं, सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, 'आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के घर पर हैं. हमने अपनी मांगें बता दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है. उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे. हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है. जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी चैन से नहीं बैठेंगे!'
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साथ ही दास ने जेपी नड्डा को सौंपे गए ज्ञापन की कॉपी पोस्ट करते हुए लिखा है, कि मंत्री ने हमें यह भी भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास अब कोई और कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि, अभी तक पुलिस के रुकने की कोई खबर नहीं है.
मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई हैं कि सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाए. दूसरी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या बर्खास्तगी को लेकर की गई है. वहीं, तीसरी मांग नीट 2026 पेपर लीक के बाद सुसाइड करने वाले नीट छात्रों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है.
इसके साथ ही मांग की गई है कि 'शांति पूर्वक प्रदर्शनकारियों' पर पुलिस बल तुरंत रोका जाए.