पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी है। इस बीच राज्य में रामनवमी के अवसर पर शोभायात्रा निकालने को लेकर जमकर बवाल हुआ। पुलिस ने श्रीराम के जुलूस को लेकर कड़े इंतजाम किए थे। इसके बाद कुछ जगहों पर पथराव और तोड़फोड़ हुई। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष ने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा।
बीजेपी नेता दिलीप घोष ने पश्चिम मेदिनीपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में जिस तरह से उत्साह के साथ रामनवमी मनाई गई, वह सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक बदलाव का सूचक है। बंगाल में जिस तरह से अन्याय, भ्रष्टाचार और महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं, हिंदुओं के मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। हिंदू समाज ने रामनवमी को ही अपनी सुरक्षा का आधार माना है, इसलिए भारी संख्या में लोग शोभायात्रा में शामिल हुए। ये बहुत खुशी की बात है।
पत्थरबाजी की कुछ घटनाएं हुईं : दिलीप घोष
उन्होंने कहा कि पत्थरबाजी की कुछ घटनाएं हुईं। पुलिस ने दिखाने की कोशिश की कि वे भी काम कर रहे हैं। कुछ जगहों पर शोभायात्रा को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। हां, एक इलाके में रामनवमी रैली की गाड़ियों पर पथराव और तोड़फोड़ हुई। पुलिस को इस मामले की जांच करनी चाहिए कि कौन ऐसा किया है। नहीं तो हिंदू अगली बार उसी हिसाब से अपनी तैयारी करेंगे।
18000 टीचरों को रास्ते में नहीं छोड़ा जा सकता : बीजेपी नेता
दिलीप घोष ने आगे कहा कि सीएम ममता बनर्जी की बात पर टीचर कितना विश्वास करेंगे, ये तो समय ही बताएगा। टीचर को सिर्फ अदालत से ही न्याय मिल सकता है। मेहनत से पास होने वाले टीचरों की पुनर्बहाली हो और जो पैसे देकर जॉब हासिल किए, उन्हें बाहर करना चाहिए। ऐसे 18000 टीचरों को रास्ता में छोड़ा नहीं जा सकता है। कोर्ट पर भरोसा है।
दिलीप घोष ने ममता पर साधा निशाना
उन्होंने ममता सरकार पर कहा कि प्रदेश में आरजी रेप-मर्डर केस हो या भ्रष्टाचारा या अत्याचार हो, ये सब सीएम ममता बनर्जी की देखरेख में हो रहा है। जबतक ममता बनर्जी सत्ता में रहेगी, तबतक पश्चिम बंगाल कभी नहीं सुधर सकता है। टीएमसी के कई नेता समझते हैं कि पश्चिम बंगाल में ‘राम राज्य’ आएगा, इसलिए वे रामनवमी के जुलूस में शामिल हुए।