Indo-Pak Relation: 'बंद हो आतंकवाद तभी होगी होगी बातचीत...', विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को दी नसीहत
Edited By Bhola Sharma

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Indo-Pak Relation: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और चीन को बड़ी नसीहत दी। उन्होंने हम आतंकवाद को किसी भी कीमत बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम पाकिस्तान के साथ चर्चा का आधार आतंकवाद नहीं बनने दे सकते। उन्होंने कहा कि जब तक सीमा पार आतंकवाद खत्म नहीं हो जाता है, तब तक पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध होना संभव नहीं है।
चीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों पर जयशंकर ने कहा कि कोई भी संबंध उच्च स्तर की पारस्परिकता पर आधारित होना चाहिए। एक-दूसरे के हितों का सम्मान और समझौतों का पालन किया जाना चाहिए। लेकिन चीन के साथ ऐसा नहीं है, आज हम चीन के साथ संबंधों के कठिन दौर में हैं। देशों के बीच संबंध बॉर्डर की स्थिति का निर्भर करते हैं और चीन के साथ बॉर्डर की स्थिति आज भी असामान्य है। बॉर्डर पर हालात ही संबंधों की दिशा और दशा तय करेंगे।
#WATCH | Delhi: EAM Dr S Jaishankar on Pakistan, says, "We can’t allow terrorism to be normalised, we can not allow that to become a basis to come in discussion with Pakistan. Until there is a departure from the abbreviation of policy of cross-border terrorism, it is not possible… pic.twitter.com/LLAW10tEUh
— ANI (@ANI) June 28, 2023
विदेश मंत्री ने कहा कि तमाम उथल-पुथल के बीच रूस से हमारे रिश्ते अभी भी स्थिर बने हुए हैं। हमने रूस को लेकर बीते कुछ सालों में अपना मूल्यांकन किया है। रूस के साथ संबंधों को केवल रक्षा निर्भरता तक सीमित करना एक गलती है। रूस के साथ हमारे संबंधों के आर्थिक हिस्से में सुधार हुआ है।
कनाडा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वे वोट-बैंक की राजनीति से प्रेरित प्रतीत होते हैं। उनकी प्रतिक्रियाएँ वोट बैंक की मजबूरियों के कारण बाधित हुई हैं। यदि कनाडा में ऐसी गतिविधियां हैं जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर आघात करती हैं, तो हम जवाब देना होगा। आप देख सकते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में इसने हमारे संबंधों पर कई तरह से प्रभाव डाला है।
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