जम्मू कश्मीर विधानसभा में सोमवार को सत्र शुरू होते ही जमकर बवाल हुआ। सत्तारूढ़ पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव लाने की मांग की, लेकिन स्पीकर ने इसकी मंजूरी नहीं दी। इस पर एनसी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया तो वहीं बीजेपी विधायकों ने मेज थपथपाकर स्पीकर के आदेश का वेलकम किया। इसे लेकर वीडियो भी सामने आया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी विधायकों ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ संशोधन एक्ट पर उनके स्थगन प्रस्ताव को अनुमति न देने के लिए स्पीकर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सत्ता पक्ष के विधायक हंगामा करते हुए सदन के बेल में पहुंच गए। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने नारे लगाए- ‘वक्फ बिल नामूंजर, वक्फ बिल नामूंजर’। इस दौरान स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों को शांत रहने के लिए कहा।
बीजेपी विधायकों ने स्पीकर के फैसले का किया स्वागत
बीजेपी के विधायकों ने भी अपनी सीटों पर बैठकर मेज थपथपाई और विधानसभा अध्यक्ष के इस फैसले का स्वागत किया। सामने आए वीडियो में विधायक बवाल करते नजर आ रहे हैं। एक विधायक ने वक्फ संशोधन कानून का विरोध जताते हुए कागज की प्रति फाड़कर हवा में उड़ाई।
स्पीकर ने बताया- क्या है नियम?
स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने विधायकों को समझाते हुए कहा कि मैंने नियम देखे हैं। नियम 56 और नियम 58 के उपनियम 7 के अनुसार, जो भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है, उसे स्थगन के लिए नहीं लाया जा सकता है। चूंकि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है और मुझे इसकी एक प्रति मिली है, इसलिए नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि हम स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा नहीं कर सकते हैं।
महबूबा मुफ्ती ने एनसी पर साधा निशाना
इसे लेकर पूर्व सीएम और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के स्पीकर ने वक्फ विधेयक पर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मजबूत जनादेश हासिल करने के बावजूद सरकार पूरी तरह से भाजपा के मुस्लिम विरोधी एजेंडे के आगे झुक गई है और दोनों पक्षों को खुश करने की कोशिश कर रही है। नेशनल कॉन्फ्रेंस तमिलनाडु की सरकार से सीख ले सकती है, जिसने वक्फ विधेयक का दृढ़ता से विरोध किया है। जम्मू-कश्मीर, जो एकमात्र मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, में यह चिंताजनक है कि कथित रूप से जन-केंद्रित सरकार में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस करने का भी साहस नहीं है।