Vivo money Laundering Case Update, नई दिल्ली: चाइनीज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Vivo का मनी लॉन्ड्रिंग मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इस मामले में चीन भी कूद पड़ा है। चीन ने ED द्वारा गिरफ्तार किए गए Vivo के 2 चीनी कर्मचारियों को कांउसिलर सुरक्षा और सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। इसके साथ ही चीन ने अनुरोध किया है कि भारत उनकी कंपनियों के साथ भेदभाव न करें। इस मामले में ED ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
चीन ने किया भारत से अनुरोध
चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने इस बात की घोषणा की। माओ निंग ने अनुरोध करते हुए कहा कि भारत चीनी कंपनियों के साथ भेदभाव न करें। चीन सरकार इस मामले पर करीब से नजर रख हुए है। चीन की सरकार चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा करती रहेगी।
क्या है मामला?
बता दें कि ED ने 23 दिसंबर को Vivo-India के 3 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें कंपनी के CEO होंग ज़ुक्वान उर्फ टेरी, चीनी नागरिक और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर हरिंदर दहिया शामिल थे। इन तीनों अधिकारियों को ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। इसके पहले ED ने इस मामले में मोबाइल कंपनी लावा इंटरनेशनल के एमडी हरिओम राय, चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन गर्ग, राजन मलिक और एक चीनी नागरिक गुआंगवेन उर्फ एंड्रयू कुआंग सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल सभी आरोपी ईडी की हिरासत में हैं।
कंपनी की टैक्स चोरी
ईडी का आरोप है कि Vivo-India ने भारत में टैक्स बचाने के लिए सेल्स से हुई कमाई का आधा हिस्सा, जो 62,476 करोड़ रुपए है, को चीन में ट्रांसफर किया है।