तमिलनाडु में दशकों पुराना डीएमके और एआईडीएमके का वर्चस्व अब इतिहास बनने जा रहा है. विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) के प्रमुख विजय ने सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है. सुपरस्टार विजय ने राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का समर्थन मांगा है.

कांग्रेस से मिल सकता है समर्थन!

कांग्रेस के दिग्गज नेता केसी वेणुगोपाल ने इस बात की पुष्टि की है कि विजय ने समर्थन के लिए पार्टी से संपर्क किया है. तमिलनाडु कांग्रेस की इकाई बुधवार सुबह चेन्नई में एक अहम बैठक करेगी, जिसमें TVK को समर्थन देने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस राज्य में भाजपा की किसी भी संभावना को रोकना चाहती है क्योंकि जनादेश एक 'धर्मनिरपेक्ष सरकार' के लिए मिला है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान ने राज्य इकाई को स्वतंत्र निर्णय लेने की पूरी छूट दे दी है.

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तमिलनाडु कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर ने भी पुष्टि की है कि विजय ने कांग्रेस चीफ को लेटर लिखकर सपोर्ट मांगा है. इस पर चोडांकर ने कहा कि हम इस पर सोच रहे हैं.

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बहुमत का गणित

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है. विजय की TVK 108 सीटों के साथ सबसे आगे है. बहुमत के आंकड़े से महज 10 सीट दूर विजय के लिए कांग्रेस का साथ मिलना बेहद अहम है. कांग्रेस ने तमिलनाडु में पांच सीटों पर जीत हासिल की है. सूत्रों की मानें तो कुछ अन्य दल भी इस नई सरकार का हिस्सा बन सकते हैं.

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'हम अकेले लड़े और जीत गए'

सरकार बनाने के दावों के बीच विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जनता का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने अपनी लंबी पोस्ट में विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि 'पार्टी बनाने के बाद कई लोगों ने हमारे खिलाफ बात की. हमने उन सबका सामना किया. हम अकेले खड़े रहे, लोगों पर भरोसा किया. तमिलनाडु के लोगों ने हमेशा एक मां की तरह हमारा साथ दिया है.'

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युवाओं और महिलाओं ने पलटी बाजी

कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडनकर ने स्वीकार किया कि तमिलनाडु में इस बार 'विजय की लहर' थी. उन्होंने बताया कि युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर विजय को वोट दिया है, जिसके कारण पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के समीकरण ध्वस्त हो गए है.