Uttarakhand Avalanche: ऊंचे पहाड़, सफेद बर्फ की चादर और बीच में फंसे मजदूरों की चीखें, उत्तराखंड के चमोली में ऐसा दिल दहला देने वाला मंजर दिखा, जब अचानक ग्लेशियर टूटा और 47 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए। चारों तरफ बस ठंड, डर और अंधेरा था, लेकिन उम्मीद की एक किरण थी, हमारे जवान। बिना वक्त गंवाए ITBP और गढ़वाल स्काउट की टीम ने रेस्क्यू शुरू किया। बर्फ के पहाड़ों से जिंदगी निकालने की इस जंग में हर पल कीमती था। क्या मजदूरों को सही सलामत निकाला जा सकेगा? देखिए, कैसे जवान मौत के मुंह से जिंदगी खींच रहे हैं।
उत्तराखंड में आया बड़ा एवलांच
उत्तराखंड के चमोली जिले में बड़ा एवलांच आ गया। बर्फ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा और 47 मजदूर उसके नीचे दब गए। यह हादसा माणा गांव के पास हुआ, जहां मजदूर सड़क बनाने का काम कर रहे थे।
जवानों ने शुरू किया बचाव अभियान
जैसे ही खबर मिली, ITBP (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) और गढ़वाल स्काउट की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। जवानों ने बिना देरी किए बर्फ में फंसे मजदूरों को निकालने का काम शुरू कर दिया।
बर्फ में दबे मजदूरों को बचाने की कोशिश
47 मजदूर बर्फ के बड़े पहाड़ के नीचे दब गए थे। जवान बड़ी सावधानी से बर्फ हटा रहे हैं ताकि किसी को चोट न पहुंचे। अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
बचाव कार्य में हेलीकॉप्टर और मशीनों का इस्तेमाल
जवानों को रेस्क्यू में मदद के लिए हेलीकॉप्टर और खास मशीनें भेजी गई हैं। इनसे बर्फ को हटाने में आसानी होगी और मजदूरों को जल्दी बाहर निकाला जा सकेगा।
सीएम ने जताया दुख, की सुरक्षित होने की प्रार्थना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों को बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है और सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहे हैं।
खराब मौसम बना बड़ी चुनौती
पिछले दो दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। जवानों को ठंड और तेज हवाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन वे पूरी ताकत से राहत कार्य में जुटे हैं।
— Hello (@RishiSharm69371) February 28, 2025
जवानों की हिम्मत से बच रही हैं जिंदगियां
जवानों की मेहनत और हिम्मत से अब तक 16 मजदूरों को बचाया जा चुका है। बाकी मजदूरों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है। जवान हर हाल में लोगों की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।