अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ से पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। इसके चलते ट्रंप मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं। भारत पर भी ट्रंप ने 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। इसी बीच White House के अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि अधिकांश टैरिफ दरें फाइनल हो चुकी हैं और अब इन दरों में बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
टैरिफ पर White House के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने कहा है कि अधिकांश टैरिफ दरें लगभग फाइनल हैं और बाजार की नकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद इनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। यही बात डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार जैमिसन ग्रियर ने भी कही है। ग्रियर के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ दरें ‘लगभग तय’ हैं और इनमें बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है। ये दरें 10% से लेकर 41% तक हैं और इससे भारत, यूरोपीय संघ, ब्राजील सहित कई अमेरिकी व्यापार भागीदार प्रभावित होंगे।
ग्रियर के अनुसार, इनमें से अधिकांश टैरिफ दरें पहले से घोषित या गुप्त समझौतों के तहत निर्धारित हैं लेकिन कुछ दरें किसी देश के साथ व्यापार घाटे पर निर्भर करती हैं।
भारत पर क्यों लगा है टैरिफ?
White House के मुताबिक, भारत के मामले में 25% का टैरिफ लगाया गया है। यह भारत के साथ व्यापार घाटे, ऊँचे टैरिफ, नॉन-टैरिफ बैरियर्स और भारत के रूस से ऊर्जा व सैन्य खरीद के कारण लगाया गया है। हालांकि, इस टैरिफ के खिलाफ कानूनी चुनौतियां शुरू हो चुकी हैं और मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक जाने की संभावना है।
संयुक्त राज्य अमेरिका ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, दक्षिण कोरिया, जापान, इंडोनेशिया, पाकिस्तान व अन्य देशों के साथ टैरिफ को लेकर समझौते को अंतिम रूप देने में सफलटता हासिल कर ली है। अमेरिका ने भारत से निर्यात किए जाने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगा दिया गया है, इसके साथ ही रूसी तेल और हथियार खरीदने पर जुर्माना लगाने की धमकी भी दी है।