बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की जांच अब दिल्ली तक पहुंच गई है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत दो महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इन्होंने शूटर्स तक हथियार पहुंचाने और दूसरा सामान जुटाने में अहम भूमिका निभाई थी. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 21 साल के कुणाल, 19 साल के सुमित, राधा और बबिता के रूप में हुई है. स्पेशल सेल ने चारों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया है.
जांच में सामने आया है कि कुणाल और सुमित ने हथियारों का इंतजाम किया था, जबकि उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली राधा और आजमगढ़ की बबिता ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंची थीं और उन्होंने दादर में हथियार सौंपे थे.
अमृतसर से खरीदे गए हथियार
जांच के मुताबिक, हाल ही में जमानत पर जेल से छूटे कुणाल ने हरसाना गांव के एक साथी के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी हैंडलर अनिल पंडित से संपर्क साधा था. कुणाल ने अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस खरीदे. दो महीने पहले उसकी मुलाकात राधा से हुई, जिसे उसने हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया.
15 अक्टूबर को कुणाल ने राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से ट्रेन में बिठाया. सफर के दौरान एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए अनिल पंडित के निर्देश उन तक पहुंचाए जाते रहे. 17 अक्टूबर को दोनों दादर स्टेशन पर उतरीं और एक होटल में रुकीं, जहां उन्होंने हथियारों से भरा बैग एक नाबालिग लड़के को सौंप दिया. अगले दिन यानी 18 अक्टूबर को शूटर्स ने वारदात को अंजाम दिया, जबकि दोनों महिलाएं उसी दिन दादर से हरिद्वार एक्सप्रेस पकड़कर दिल्ली लौट आईं.
स्पेशल सेल ने राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उतरते ही दबोच लिया, जबकि कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया.
टारगेट कोई और था
स्पेशल सेल और मुंबई पुलिस की पूछताछ में शूटर्स ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है. हमलावरों ने बताया कि वे मूल रूप से किसी अन्य हाई-प्रोफाइल हस्ती की हत्या करने के इरादे से मुंबई आए थे. लेकिन उस शख्स के आने-जाने वाले ठिकानों की रेकी करने के बाद जब उन्हें लगा कि कड़ी सुरक्षा के चलते उस तक पहुंचना मुमकिन नहीं है, तो उन्होंने प्लान बदल दिया.
शूटर्स ने सोशल मीडिया पर फैंस द्वारा पोस्ट की गई रील्स और वीडियो देखे, जिससे उन्हें पता चला कि टाइगर श्रॉफ के पास कोई सरकारी पुलिस सुरक्षा नहीं है और वे आसानी से उपलब्ध रहते हैं.
आरोपियों ने कबूल किया कि टाइगर श्रॉफ की हत्या का मकसद पूरे बॉलीवुड में दहशत फैलाना था. इसके लिए उन्हें 50,000 रुपये एडवांस दिए गए थे और काम पूरा होने पर बड़ी रकम और नौकरी का वादा किया गया था.
रविवार शाम टाइगर श्रॉफ पर हमला तब हुआ, जब वह जुहू में अपनी बीएमडब्ल्यू कार से बाहर निकल रहे थे. तभी फैंस की भीड़ के बीच से दो हमलावरों ने गाड़ी पर सामने से 6 से 7 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. एक हमलावर अभिनेता के बिल्कुल करीब पहुंच गया था और उसने सीधी गोली चलाने के लिए ट्रिगर दबाया, लेकिन ऐन वक्त पर पिस्तौल जाम हो गई, जिससे अभिनेता बाल-बाल बच गए. इस हमले में टाइगर श्रॉफ के ड्राइवर और पास खड़े एक राहगीर को गोलियां लगीं और वे घायल हो गए.
वारदात के बाद नेपाल भागने की फिराक में लगे तीन मुख्य शूटर्स ऋतिक उर्फ रोशन, रेहान और फूल सिंह को राजस्थान के कोटा से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.