टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हमलावरों की गिरफ्तारी का Video आया सामने, कोटा रेलवे स्टेशन पर हुई धर-पकड़
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीन संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है. पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा रेलवे स्टेशन पर CCTV फुटेज की मदद से तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. (Image- X/@journorajeshk)
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में तीनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कोटा रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों में तीनों संदिग्ध कैद हुए थे. इसके बाद कोटा पुलिस ने ट्रेन में महज 15 मिनट के भीतर तीनों को पकड़ लिया. पकड़े गए लोगों में एक नाबालिग भी शामिल है. इससे पहले मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी. शुरुआती जांच के मुताबिक, हमलावरों ने कथित तौर पर पार्क के पास करीब 45 मिनट तक इंतजार किया था. इसके बाद उन्होंने अभिनेता की कार पर गोलियां चलाईं. इस हमले में टाइगर को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस के बाएं हाथ में गोली लगी थी. वहीं, पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया था, जिसे अस्पताल ले जाया गया.
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सात राउंड फायरिंग, पांच गोलियां कार पर लगीं
जांच के मुताबिक, 18 अक्टूबर को हुए इस हमले में कुल सात राउंड गोलियां चलाई गई थीं. इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं. हमले में देसी पिस्टल का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी. इसे ‘कॉपी पीस’ भी कहा जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती फायरिंग के बाद एक हमलावर कार की पैसेंजर साइड वाली खिड़की के पास पहुंचा और टाइगर पर करीब से गोली चलाने की कोशिश की. उसने दो बार गोली चलाने की कोशिश किया, लेकिन पिस्टल जाम हो गई. ऐसे में वह गोली नहीं चला सका. घटना के एक वीडियो में भी हमलावर कार की खिड़की के पास हथियार चलाने की कोशिश करता दिखाई दिया था.
टाइगर श्रॉफ हर रविवार मुंबई के जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क में करीब दो घंटे फुटबॉल खेलने जाते थे. पुलिस को शक था कि हमलावरों इसके बारे में पहले से जानकारी थी. आरोप है कि वे करीब 45 मिनट तक वहां रुके रहे और रविवार शाम लगभग 7 बजे फायरिंग की. उस समय टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद पार्क से बाहर निकल रहे थे. पुलिस ने हमलावरों की गतिविधियों और उनकी योजना का पता लगाने के लिए इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की थी.
बाइक से भागे थे हमलावर
शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध शूटर दिखाई दिए थे. पुलिस को शक था कि तीसरे साथी ने भी हमले में मदद की और आरोपियों को भागने में सहयोग दिया. जांच के मुताबिक, हमलावर मोटरसाइकिल से एसवी रोड की ओर भागे थे. बाद में उन्होंने बाइक को अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया था. इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उनकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की. अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, तीनों संदिग्धों को कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया गया है.
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लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध की भी जांच
हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो सामने आया था, ऑडियो में खुद को अनिल पंडित और हरमन संधू बताने वाले लोगों ने हमले की जिम्मेदारी ली और अपने आप को बिश्नोई गैंग का हिस्सा बताया. अनिल ने फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान के साथ काम करने वाले लोगों को चेतावनी भी दी थी. संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में यह भी अहम होगा कि हमले के पीछे किसका हाथ था और इसका मकसद क्या था.