बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों को विदेश में नौकरी दिलाने और पैसे देने का लालच दिया गया था. पुलिस के मुताबिक, तीन युवकों ने इस हमले को अंजाम दिया. उन्हें इसके लिए कुल 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे और काम पूरा होने के बाद और पैसे देने का वादा किया गया था.
सात राउंड फायरिंग के बाद फरार हुए आरोपी
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर सात राउंड गोलियां चलाई गईं. दो युवकों ने फायरिंग की, जबकि उनका तीसरा साथी कुछ दूरी पर मोटरसाइकिल लेकर इंतजार कर रहा था. वारदात के बाद तीनों बाइक से फरार हो गए. उन्होंने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास बाइक छोड़ दी और ट्रेन से जयपुर की ओर निकल गए.
पुलिस ने आरोपियों की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी 22 वर्षीय ऋतिक उर्फ रोशन, हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान और हरियाणा के ही 18 वर्षीय फूल सिंह के रूप में की है. जांचकर्ताओं को शक है कि आरोपियों को पैसे कई छोटी किस्तों में दिए गए, ताकि लेन-देन का पता लगाना मुश्किल हो. पुलिस उस व्यक्ति की भी जांच कर रही है, जिसने आरोपियों से संपर्क किया और उन्हें हमले के लिए तैयार किया.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
जांच में लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है. शक है कि हमले की योजना बनाने में उसकी भूमिका हो सकती है. हालांकि, मामले में उसकी भूमिका की जांच जारी है. हमले के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी. इसमें एक व्यक्ति ने खुद को अनिल पंडित बताते हुए लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होने का दावा किया और हमले की जिम्मेदारी ली.
ऑडियो में सलमान खान से जुड़े लोगों को भी धमकी दी गई थी. उस व्यक्ति ने दावा किया कि टाइगर श्रॉफ को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी. हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है.
ट्रेन में पकड़े गए तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी नेपाल भागने की योजना बना रहे थे. उन्हें सोमवार सुबह राजस्थान के कोटा में ट्रेन से पकड़ा गया. आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की करीब 20 विशेष टीमें बनाई गई थीं. मुंबई पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास छोड़ी गई बाइक का पता लगाया गया. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी की मदद से आरोपियों के भागने का रास्ता ढूंढा गया.
पुलिस को पता चला कि आरोपी सूरत की ओर गए और फिर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए. ट्रेन के डिब्बे की जानकारी मिलने के बाद कोटा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल पुलिस हमले के पीछे की पूरी साजिश, पैसे देने वाले लोगों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है.