Pankaj Mishra
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रगति मैदान में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने ‘पीएम श्री योजना’ की पहली किस्त भी जारी की। साथ ही प्रधानमंत्री ने 12 भारतीय भाषाओं में 100 किताबों का विमोचन भी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का लक्ष्य भारत को रिसर्च एवं इनोवेशन का केंद्र बनाना है।’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भारत को नई संभावनाओं की ‘नर्सरी’ के तौर में देख रही है और अपने यहां IIT परिसर खोलने के लिए हमसे लगातार संपर्क कर रही है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi says, "From Kashi's Rudraksha to this Mandapam of modern India, the journey of Akhil Bharatiya Shiksha Samagam holds a message in it. That is a confluence of antiquity and modernity. Our education system is preserving India's traditions while… pic.twitter.com/SPFOyOUuJQ
— ANI (@ANI) July 29, 2023
पीएम मोदी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में पारंपरिक शिक्षा प्रणाली और भविष्य की प्रौद्योगिकियों को समावेशित किया गया है। ताकि देश के हर वर्ग के युवाओं को एक समान मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार हो चुका है और इसे जल्द ही लागू भी किया जाएगा। इससे देशभर में CBSE स्कूलों में एक समान सिलेबस होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि NCIRT नई पाठ्य पुस्तक और पाठक्रम तैयार हो रही है। इसी तरह तीसरी कक्षा से 12वीं क्लास तक की 130 विषयों की नई पुस्तकें आ रही हैं। ये पुस्तकें 22 क्षेत्रीय भाषाओं में होंगी। जिससे छात्र अपनी स्थानीय भाषाओं में भी पढ़ाई कर सकेंगे। इससे इनके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और उनकी प्रतिभा सामने आएगी।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि समाज शास्त्र से लेकर इंजीनियरिंग तक की किताबें भारतीय भाषाओं में आ रही हैं। इससे देश युवाओं के साथ न्याय होगा।
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