देश की राजधानी दिल्ली को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने वाले महत्वाकांक्षी 'दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे' का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. यह बेहद चर्चित और बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह चालू होने के बेहद करीब है. संबंधित अधिकारियों से मिले संकेतों के मुताबिक, राजस्थान के कोटा के पास एक बेहद महत्वपूर्ण सुरंग (टनल) का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इस बड़ी सफलता के बाद आगामी 20 जून के बाद इस एक्सप्रेसवे को आम यातायात के लिए पूरी तरह खोला जा सकता है.

1 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत


लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार हो रहे इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2019 में की गई थी. हालांकि, दिल्ली से लेकर गुजरात तक फैले इसके एक बड़े हिस्से को पहले ही पूरा कर लिया गया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कुछ स्थानीय चुनौतियों और तकनीकी पेचों के कारण परियोजना के अंतिम चरण में थोड़ी देरी हुई. अब यह एक्सप्रेसवे अपने निर्माण के आखिरी पड़ाव में है और जल्द ही इस पर गाड़ियां रफ्तार भरती नजर आएंगी.

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कोटा की 4.9 किलोमीटर लंबी सुरंग


इस पूरे प्रोजेक्ट में राजस्थान के कोटा के समीप बनी 4.9 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है. पारिस्थितिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले 'मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व' वन्यजीव क्षेत्र के ठीक नीचे से इस आठ लेन (8-Lane) की हाईवे सुरंग को निकाला गया है.

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इंजीनियरिंग के लिहाज से यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि इससे पहले देश या दुनिया में इतनी चौड़ी आठ लेन वाली सड़क किसी सुरंग के भीतर नहीं बनाई गई थी. यह सुरंग कुल 1,386 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का सबसे अहम और चुनौतीपूर्ण हिस्सा रही है.

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आधा हो जाएगा यात्रा का समय


इस पूरे कॉरिडोर के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच सड़क मार्ग से होने वाले सफर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. वर्तमान में दोनों महानगरों के बीच की दूरी तय करने में 24 घंटे से अधिक का समय लगता है, जो इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद घटकर महज 12 घंटे रह जाएगा.