तमिलनाडु भाजपा के भीतर मची अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है. पूर्व राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई और राज्य उपाध्यक्ष कारु नागराजन के पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा को एक और बहुत बड़ा झटका लगा है. पार्टी की राज्य सचिव सुमति वेंकटेश ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और भाजपा के साथ अपना सालों पुराना नाता पूरी तरह तोड़ लिया है.

सुमति वेंकटेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस बात का औपचारिक एलान किया है.

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'भारी मन और दुख के साथ…'

सुमति वेंकटेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'बहुत सोच-विचार करने के बाद मैं यह कदम उठा रही हूं और यह फैसला मेरे लिए दुख भरा है. मैं भारी मन के साथ भारतीय जनता पार्टी, तमिलनाडु के राज्य सचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से हटने और पार्टी के साथ अपना जुड़ाव समाप्त करने का निर्णय ले रही हूं. इस पार्टी की सेवा करना मेरे लिए हमेशा बड़े गर्व और सौभाग्य की बात रही है.'

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उन्होंने आगे कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा के राष्ट्रवाद व देशभक्ति के आदर्शों से हमेशा प्रेरित रहेंगी, लेकिन वे अब इस सफर को यहीं समाप्त कर रही हैं. उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तर के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए राज्य प्रमुख से उनका इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है.

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बता दें, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि तमिलनाडु भाजपा में यह बिखराव पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के बागी रुख के बाद शुरू हुआ है. भाजपा छोड़ते समय अन्नामलाई ने एलान किया था कि वे चाटुकारिता, व्यक्ति-केंद्रित और वंशानुगत राजनीति को खारिज करते हुए 'आम आदमी की राजनीति' की शुरुआत करेंगे. वे एक नया संगठन बना रहे हैं जो युवाओं को टारगेट करेगा और आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत आजमाएगा.

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एक तरफ जहां एक के बाद एक बड़े विकेट गिर रहे हैं, वहीं भाजपा आलाकमान इस स्थिति में भी खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है. तमिलनाडु भाजपा प्रमुख नैनार नागेंद्रन ने इस पूरे विवाद पर कहा कि अन्नामलाई या किसी अन्य नेता के इस्तीफे से भाजपा को कोई नुकसान या नुकसान नहीं होने वाला है. भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है, इसे इन इस्तीफों से कोई झटका नहीं लगेगा. पार्टी अपनी विचारधारा पर पूरी मजबूती से अडिग रहेगी.