एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में है पत्नी तो गुजारा भत्ता मिलेगा या नहीं? SC ने पलटा हाईकोर्ट का आदेश

पति को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 92 वीडियो सबूत देखने के बाद अदालत ने माना एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का मामला. धारा 125(4) के तहत रद्द हुआ पत्नी का गुजारा भत्ता.

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सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि यदि पत्नी किसी अन्य पुरुष के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में रह रही है और इसके पुख्ता सबूत मौजूद हैं, तो वह पति से गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं होगी. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पति या कोई भी पक्ष डिजिटल सबूत (जैसे सीसीटीवी फुटेज, वॉट्सऐप चैट्स, कॉल रिकॉर्डिंग या वीडियो) पेश करता है, तो उसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत धारा 65B का प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है.
अदालत ने पति द्वारा सौंपे गए 92 डिजिटल वीडियो सबूतों और तस्वीरों का गहराई से अवलोकन करने के बाद दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125(4) का हवाला देते हुए निचली अदालत और हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें पति को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था.

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92 वीडियो क्लिप्स ने पलटा कानूनी रुख

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब पति ने अपनी पत्नी पर विवाह के बाहर किसी अन्य पुरुष के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में में होने का आरोप लगाते हुए गुजारा भत्ता देने से इनकार कर दिया था. पत्नी ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण के लिए याचिका दायर की थी. हालांकि, पति ने इसके जवाब में अदालत के सामने डिजिटल फोरेंसिक रूप से सत्यापित 92 वीडियो क्लिप्स और वॉट्सऐप चैट्स पेश किए, जो पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में शामिल होने की पुष्टि करते थे. जब 92 वीडियो की फोरेंसिक जांच में कोई छेड़छाड़ नहीं पाई गई, तब कोर्ट ने इसे मुख्य आधार माना.

सुप्रीम कोर्ट में कैसे पहुंचा केस?

शुरुआती दौर में फैमिली कोर्ट और हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की तकनीकी स्वीकार्यता पर संदेह जताते हुए पत्नी के पक्ष में अंतरिम गुजारा भत्ता तय कर दिया था. पति ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर फोरेंसिक साक्ष्य अधिनियम की धारा 65B सर्टिफिकेट के साथ वीडियो फुटेज प्रस्तुत किए. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि जब डिजिटल साक्ष्यों से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में साफ तौर पर साबित होता है, तो धारा 125(4) के तहत पत्नी कानूनी रूप से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती.

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क्या कहती है CrPC की धारा 125(4)?

कोई भी पत्नी अपने पति से इस धारा के अधीन भत्ता प्राप्त करने की हकदार नहीं होगी, यदि वह व्यभिचार की दशा में रह रही है (Living in Adultery), या बिना किसी पर्याप्त कारण के पति के साथ रहने से इनकार करती है, या यदि वे आपसी सहमति से अलग रह रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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