Maharashtra Wardha Samruddhi Expressway Accident: 20 जुलाई की भोर में महाराष्ट्र के वर्धा जिले में मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर एक दुखद सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये हादसा सुबह करीब 3 बजे विरुल गांव के पास हुआ, जिससे भीषण आग लग गई और टक्कर में शामिल ट्रक और कार दोनों जलकर खाक हो गए. इस घटना के कारण राज्य के सबसे बिजी एक्सप्रेसवे में से एक पर ट्रैफिक पर काफी बुरा असर पड़ा.

कैसे हुआ ये हादसा?

शुरुआती जांच से पता चला है कि एक्सप्रेसवे पर IC-80 इंटरचेंज के पास इथेनॉल ले जा रहा एक कंटेनर ट्रक पलट गया था. हालांकि ट्रैफिक के लिए एक लेन खुली थी, लेकिन बताया जा रहा है कि सड़क पर एक कार रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रहे एक दूसरे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी. टक्कर से आग लग गई और दोनों गाड़ियां तेजी से जलने लगीं.

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ट्रैफिक पर पड़ा असर

अधिकारियों ने पुष्टि की कि हादसे में 6 लोगों की मौत हुई है. 4 पीड़ित कार में सवार थे, जबकि बाकी 2, जिनमें ट्रक ड्राइवर भी शामिल था, टक्कर के वक्त भारी वाहन के अंदर थे. हाईवे सेफ्टी पेट्रोल, वर्धा पुलिस, फायर डिपार्टमेंट और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के अधिकारियों सहित इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. बचाव कार्य शुरू किए गए और ट्रैफिक का फ्लो बहाल करने की कोशिशें भी की गईं.

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ट्रक में था इथेनॉल

चूंकि पलटे हुए कंटेनर में काफी ज्वलनशील इथेनॉल था, इसलिए अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहन को हटाने से पहले ईंधन को सुरक्षित रूप से दूसरे वाहन में ट्रांसफर करने पर फोकस किया. ये ऑपरेशन पूरी सावधानी के साथ किया गया ताकि वाहन चालकों और बचाव कर्मियों को कोई और खतरा न हो.

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रूट हुआ डायवर्ट

मुंबई जाने वाली लेन का ट्रैफिक एक्सप्रेसवे की दूसरी तरफ डायवर्ट कर दिया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस ने नागपुर से मुंबई जाने वाले वाहन चालकों को वर्धा के पास प्रभावित हिस्से से कुछ समय के लिए बचने की सलाह भी दी. मुसाफिरों को नागपुर-अमरावती हाईवे का इस्तेमाल करने और नॉर्मल ट्रैफिक बहाल होने तक अमरावती इंटरचेंज के जरिए एक्सप्रेसवे पर वापस आने के लिए कहा गया.

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'किलर एक्सप्रेसवे'

अधिकारियों ने घटनास्थल को साफ करने और रेगुलर ट्रैफिक फ्लो को बहाल करने के कोशिश को जारी रखा. हाईवे पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 2024 में 137 मामलों की तुलना में 2025 में 185 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं. 701 किलोमीटर लंबा ये एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे 2022 के आखिर से कई फेज में चालू है, जबकि अधिकारी मॉनिटरिंग में सुधार और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लागू कर रहे हैं.