हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

रोलेक्स घड़ी, चांदी के खंजर, 300 बेशकीमती तोहफे होंगे नीलाम, जानें क्या है तोशाखाना? जहां रखे हैं लाखों के उपहार

विदेश मंत्रालय ने तोशाखाना में सुरक्षित विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत सरकार के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को भेंट किए गए करीब 300 उपहारों की ई-नीलामी जारी की है. बता दें कि इस नीलामी में लग्जरी घड़ियों, आभूषणों, स्मृति चिन्हों, सजावटी वस्तुओं और अन्य दुर्लभ उपहारों को शामिल किया गया है.

विज्ञापन

विदेश मंत्रालय ने तोशाखाना में सुरक्षित विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत सरकार के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को भेंट किए गए करीब 300 उपहारों की ई-नीलामी जारी की है. बता दें कि इस नीलामी में लग्जरी घड़ियों, आभूषणों, स्मृति चिन्हों, सजावटी वस्तुओं और अन्य दुर्लभ उपहारों को शामिल किया गया है.

ई-नीलामी आठ जून से शुरू हुई थी और 30 जून तक चलेगी. तोशाखाना वह आधिकारिक भंडार है, जहां विदेश यात्राओं या भारत में विदेशी प्रतिनिधियों से सरकारी अधिकारियों को प्राप्त उपहार सुरक्षित रखे जाते हैं.

संशोधित तोशाखाना नियम, 2024 के तहत पहली बार इन उपहारों की सार्वजनिक ई-नीलामी आयोजित की जा रही है. इसमें केवल भारत के निवासी नागरिक पंजीकरण कर बोली लगा सकते हैं और खरीदी गई वस्तुओं की डिलीवरी भी देश के भीतर ही की जाएगी.

विज्ञापन

नीलामी में रोलैक्स की यॉट मास्टर-2 घड़ी

नीलामी में सबसे आकर्षक वस्तुओं में लग्जरी ब्रांड रोलैक्स की यॉट मास्टर-2 घड़ी शामिल है, जिसकी शुरुआती बोली 16.52 लाख रुपये रखी गई है.

इसके अलावा कार्टियर की प्रतिष्ठित सैंटोस ड्यूमोंट शृ्ंखला की घड़ी भी नीलामी का हिस्सा है, जिसकी आधार कीमत 5.02 लाख रुपये निर्धारित की गई है.

विज्ञापन

पोर्टल पर इस घड़ी को आधुनिक तकनीक और कालातीत डिजाइन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया है. स्टेनलेस स्टील से बनी यह घड़ी प्रसिद्ध विमान चालक अल्बर्टो सैंटोस ड्यूमोंट की विरासत से प्रेरित मानी जाती है.

अल अरबाश ब्रांड का एक शानदार आभूषण सेट भी शामिल

नीलामी में कुवैत के प्रसिद्ध अल अरबाश ब्रांड का एक शानदार आभूषण सेट भी शामिल है. करीब 9.52 लाख रुपये की आधार कीमत वाले इस सेट में नेकलेस, ब्रेसलेट और ईयररिंग्स शामिल हैं. यह ब्रांड पारंपरिक शिल्पकला और पारिवारिक विरासत के लिए जाना जाता है.

विज्ञापन

प्राचीन चांदी के सिगरेट बॉक्स की कीमत 12,030 रुपये

इसके अलावा प्राचीन चांदी का सिगरेट बॉक्स भी बोली के लिए उपलब्ध है, जिसकी शुरुआती कीमत 12,030 रुपये रखी गई है. इस दुर्लभ वस्तु के ढक्कन पर हाथ से उकेरी गई कलात्मक आकृतियां हैं, जबकि इसका भीतरी हिस्सा अब भी चमकदार चांदी की गुणवत्ता को दर्शाता है. इसे उत्कृष्ट धातु शिल्पकला का नमूना बताया गया है.

ई-नीलामी पोर्टल पर प्रत्येक वस्तु के साथ उसका संक्षिप्त विवरण और पृष्ठभूमि भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि जो भी इसे खरीदना चाहता है वो उसकी विशेषताओं और महत्व को समझ सकें.

विज्ञापन

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नीलामी में शामिल अधिकांश वस्तुएं विरासत, स्मृति, सजावट, संग्रहणीय या औपचारिक महत्व की हैं और जरूरी नहीं कि उनका व्यावसायिक या दैनिक उपयोग हो.

यह भी पढ़ें- कौन है 194 साल का ‘जोनाथन’, जिससे मुलाकात करेंगे PM मोदी; जानें कितनी अहम है सेशेल्स की यात्रा?

विज्ञापन

तोशाखाना क्या होता है?

‘तोशाखाना’ शब्द फारसी भाषा से आया है, जिसका अर्थ होता है ‘खजाना’ या ‘तोहफों का भंडार’. इसका इस्तेमाल मुगल काल में उन जगहों के लिए किया जाता था, जहां शासकों और राजपरिवारों को मिले उपहारों और सम्मान स्वरूप मिली वस्तुओं को सुरक्षित रखा जाता था. बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान भी विदेशी शासकों या रियासतों से मिले उपहार सरकारी खजाने में जमा किए जाते थे. इन्हीं परंपराओं के आधार पर आधुनिक भारत में भी तोशाखाना व्यवस्था जारी रखी गई.

भारत में प्रधानमंत्री, मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विदेश यात्राओं पर जाने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को विदेशों से मिले उपहार तोशाखाना में जमा कराने होते हैं. सरकारी नियमों के मुताबिक, किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को आधिकारिक यात्रा के दौरान मिले उपहार को भारत लौटने के 30 दिनों के भीतर तोशाखाना में जमा कराना जरूरी होता है.

विज्ञापन

कौन अपने पास रख सकता है उपहार?

मौजूदा नियमों के अनुसार, यदि किसी उपहार की कीमत 5,000 रुपये तक है, तो संबंधित अधिकारी उसे अपने पास रख सकता है. यदि उपहार की कीमत इससे अधिक होती है, तो उसका मूल्यांकन किया जाता है. अधिकारी चाहे तो तय की गई राशि सरकार को जमा कराकर उस उपहार को खरीद सकता है. यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो वह वस्तु तोशाखाना में जमा रहती है और बाद में नीलामी के जरिए बेची जा सकती है. इसके अलावा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिले कुछ उपहार अपने पास रखने की अनुमति है, लेकिन यदि उनकी कीमत 25,000 रुपये से अधिक है तो इसकी जानकारी सरकार को देना अनिवार्य होता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola