भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति लाने के बाद अब रिलायंस जियो अंतरिक्ष के रास्ते इंटरनेट क्रांति की तैयारी में है. रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने ऐलान किया कि कंपनी भारत के लिए एक खास ‘सॉवरेन सैटेलाइट कांस्टेलेशन’ डवलप करने की संभावनाओं तो तलाश कर रही है. रिलायंस का यह कदम देश के स्पेस बेस्ड कम्युनिकेशन इंफ्रा को मजबूत करने की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है.
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में एलन मस्क की स्टारलिंक और अमेजन के प्रोजेक्ट कुइपर जैसी कंपनियों के चलते सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है.
यह भी पढ़ें : WiFi और Mobile Data में कौन ज्यादा बैटरी खर्च करता है, जानकर रह जाएंगे हैरान!
मस्क को चुनौती देगा जियो
स्पेस सेक्टर में कंपनी के विजन को साझा करते हुए आकाश अंबानी ने कहा, ‘हम भारत के लिए एक सॉवरेन एलईओ सैटेलाइट कांस्टेलेशन के विकास का मूल्यांकन कर रहे हैं.’ उन्होंने साफ किया कि यह पहल अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों में भारत की ‘आत्मनिर्भरता’ को बढ़ाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है.
क्या होता है LEO कांस्टेलेशन?
इस तकनीक के तहत पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में, यानी जमीन से महज कुछ सौ किलोमीटर ऊपर सैकड़ों या हजारों छोटे उपग्रहों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाता है. यह हजारों उपग्रहों का जाल होता है. पारंपरिक भूस्थैतिक उपग्रहों की तुलना में ये उपग्रह पृथ्वी के बेहद करीब होते हैं. इसके चलते इनसे मिलने वाले इंटरनेट की लेटेंसी (डेटा ट्रांसफर में लगने वाला समय) बहुत कम होती है, जिससे यूजर्स को फाइबर जैसी हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलती है.
यह भी पढ़ें :Jio, Airtel या Vi? सबसे सस्ता 5G प्लान किसके पास, जानकर चौंक जाएंगे
सुदूर इलाकों तक पहुंचेगा इंटरनेट
जियो का यह प्रस्तावित सैटेलाइट नेटवर्क भारत के उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगा जहां आज भी मोबाइल नेटवर्क या फाइबर-ऑप्टिक केबल बिछाना बेहद मुश्किल या महंगा है. इसके जरिए देश के दुर्गम पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों, दूरदराज के गांवों और द्वीपों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड आसानी से पहुंचाया जा सकेगा, जिससे भारत का ‘डिजिटल डिवाइड’ पूरी तरह खत्म हो जाएगा.
जियो बना रहा है खुद का ‘ग्राउंड स्टेशन’
अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के साथ-साथ रिलायंस जियो जमीन पर भी अपना मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है. कंपनी भारत के भीतर अपने खुद के ‘ग्राउंड स्टेशन’ बना रही है. ये ग्राउंड स्टेशन अंतरिक्ष में घूम रहे सैटेलाइट्स और धरती पर मौजूद यूजर्स के बीच एक पुल का काम करते हैं, जिससे डेटा का आदान-प्रदान और नेटवर्क का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होता है.
यह भी पढ़ें : Internet Top Search: इंटरनेट पर सबसे ज्यादा क्या सर्च करते हैं भारतीय यूजर्स? चौंकाने वाली है लिस्ट
क्यों अहम है यह कदम?
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र इस समय बड़े बदलावों से गुजर रहा है. सरकार के स्पेस रिफॉर्म्स ने इस सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया है. ऐसे में जियो का खुद का सॉवरेन सैटेलाइट नेटवर्क होना भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है. इससे भारत को विदेशी संचार बुनियादी ढांचे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. डिजास्टर मैनेजमेंट, डिफेंस कम्युनिकेशन और इमरजेंसी रेस्पोंस के समय यह पूरी तरह सेफ और स्वदेशी नेटवर्क देश के काम आएगा.
संबंधित खबरें
Kal Ka Mausam: दिल्ली-NCR में साफ रहेगा आसमान, विदाई की राह पर मानसून; कुछ राज्यों में हो सकती है हल्की बूंदा-बांदी
3 hrs agoअचानक बस कंडक्टर की तरह टिकट क्यों काटने लगे सीएम विजय? महिलाओं ने मुख्यमंत्री की उतारी बलाएं
5 hrs agoस्मित मच्छार को देश का बड़ा सम्मान देगा इजरायल, राजदूत ने किया ऐलान; बोले- इस उपकार को कभी नहीं भूलेंगे
5 hrs agoBSF ने ढेर किए 2 घुसपैठिए, पंजाब के तरनतारन में सीमा पार करने की कोशिश में थे पाकिस्तानी
9 hrs agoपहलगाम हमले के आखिरी आतंकी हाशिम मूसा को सेना ने कैसे किया ढेर? 527 दिन से चल रही थी तलाश
9 hrs agoलद्दाख में चीन सीमा के पास बनेगी 150 किमी लंबी सड़क, DBO और डेपसांग तक पहुंचेगी सेना की रसद
11 hrs ago'हनुमान जी ने बचाया...', कैप्टन मच्छार ने PM मोदी को फोन कॉल पर बताया, हमले के वक्त कैसे मिली हिम्मत
11 hrs ago'बापू के सम्मान में खरीदें खादी', गांधी जयंती पर PM मोदी ने देशवासियों से की खास अपील
11 hrs ago'SIR में कट गया नाम तो ना हों परेशान', 20 राज्यों में चलेगा चुनाव आयोग का अभियान, घर-घर जाकर फॉर्म 6 भरवाएंगे BLO
12 hrs agoiPhone Users Good News: भारत में शुरू हुई Apple Pay सर्विस, जानिए बिना OTP और PIN के कैसे होंगे पेमेंट
13 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines