नई दिल्ली के भारत मंडपम में सोमवार को उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC) 2025 का शुभारंभ हुआ। पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान विकास और नवाचार (RDI) योजना कोष का शुभारंभ किया। इस मौके पर संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एक नवाचार केंद्र में बदलने के लिए पिछले कुछ सालों में अपनाई गई नीतियों और निर्णयों का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
कहा कि पिछले दशक में हमारा अनुसंधान एवं विकास व्यय दोगुना हो गया है। भारत में पंजीकृत पेटेंटों की संख्या में 17 गुना वृद्धि हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। आज, हमारे 6,000 से अधिक डीपटेक स्टार्टअप स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने संख्या बताते हुए कहा कि पेटेंट फाइलिंग में 10 साल पहले इस क्षेत्र में महिलाओं की संख्या सालाना 100 से भी कम थी। लेकिन अब यह सालाना 5,000 से अधिक तक पहुंच गई है। STEM शिक्षा में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 43% है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।
इसरो की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया में भी परचम लहराया। कल ही भारतीय वैज्ञानिकों ने भारत के सबसे भारी संचार उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। मैं इसरो सहित इस मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों को हार्दिक बधाई देता हूं।
कहा कि आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया में भी एक बड़ा दिन है। 21वीं सदी में दुनिया भर के विशेषज्ञों के एक साथ आकर उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर विचार-मंथन करने और मिलकर दिशा दिखाने की बहुत आवश्यकता थी। इसी आवश्यकता ने एक विचार को जन्म दिया। और इसी विचार से इस सम्मेलन की परिकल्पना बनी।