Rashmika Mandanna controversy: कभी कर्नाटक की कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की चमकती हुई स्टार रहीं रश्मिका मंदाना आज अपनी ही जड़ों से दूर होती दिख रही हैं। एक समय था जब उन्होंने ‘किरिक पार्टी’ से लाखों दिल जीते थे, लेकिन अब उन पर अपने ही राज्य और भाषा को नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। जब बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में उन्हें बार-बार बुलाया गया, तब भी उन्होंने आने से इनकार कर दिया। क्या यह उनकी व्यस्तता थी, या फिर कन्नड़ इंडस्ट्री से बढ़ती दूरी? कांग्रेस विधायक रवि गनिगा के तीखे बयान ने इस बहस को और भी गर्मा दिया है।
रश्मिका मंदाना पर कांग्रेस विधायक का आरोप
कर्नाटक के मांड्या से कांग्रेस विधायक रवि गनिगा ने मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना पर कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रश्मिका ने बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने से मना कर दिया, जबकि वह इसी इंडस्ट्री से अपनी करियर की शुरुआत कर चुकी हैं। विधायक का कहना है कि रश्मिका को इस तरह कर्नाटक और कन्नड़ भाषा का अनादर नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि अभिनेत्री को कई बार न्योता दिया गया, लेकिन उन्होंने समय की कमी का बहाना बनाकर मना कर दिया। गनिगा ने कहा कि एक विधायक ने उन्हें 10-12 बार व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया, लेकिन उन्होंने फिर भी इंकार कर दिया।
भाजपा ने कांग्रेस विधायक को घेरा
इस मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस विधायक रवि गनिगा के बयान की आलोचना की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने फैसले लेने का अधिकार है, चाहे वह कोई अभिनेत्री ही क्यों न हो। उन्होंने गनिगा को “अहंकारी विधायक” करार देते हुए कहा कि किसी को भी किसी के फैसले को लेकर “सबक सिखाने” की बात नहीं करनी चाहिए। वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब सरकार इस तरह के आयोजनों में सहयोग दे रही है, तो फिल्म इंडस्ट्री को भी इसमें भाग लेना चाहिए।
रश्मिका मंदाना की अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
रश्मिका मंदाना ने 2016 में कन्नड़ फिल्म ‘किरिक पार्टी’ से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में तेलुगु, तमिल और हिंदी सिनेमा में भी काम किया। अब वह हैदराबाद में रहती हैं और अक्सर दक्षिण भारतीय सिनेमा का हिस्सा बनती हैं। इस विवाद के बाद अभी तक रश्मिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कर्नाटक में कई लोगों का मानना है कि अगर कोई कलाकार किसी राज्य की फिल्म इंडस्ट्री से अपनी पहचान बनाता है, तो उसे उस राज्य और वहां की भाषा का सम्मान करना चाहिए। दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि यह किसी का व्यक्तिगत निर्णय होता है कि वह कहां जाए और किस आयोजन में भाग ले।