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पाकिस्तान के इस Ram Mandir में हिन्दुओं के पूजा करने पर लगा प्रतिबंध, मूर्तियां तक हटाई गईं

Ram Mandir Pakistan: यह मंदिर 16वीं शताब्दी में बनाया गया था। यहां श्रीराम कुंड है, वनवास के दौरान श्री राम, मां सीता और लक्ष्मण जी यहां समय बिताया था।

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Ram Mandir Pakistan: अयोध्या में श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का समारोह पूरे विश्व के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन पाकिस्तान में एक राम मंदिर ऐसा भी है, जहां हिन्दुओं को पूजा-अर्चना करने पर रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं पाकिस्तान सरकार ने मंदिर में से भगवान श्री राम की मूर्ति तक हटवा दी है। अब यह मंदिर खंडहर बनने जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस बारे में स्थानीय हिन्दू संगठनों ने कई बार प्रशासन और सरकार को ज्ञापन सौंपा लेकिन अभी तक इस मंदिर को फिर से खोला नहीं गया है।

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16वीं शताब्दी में बनाया गया था मंदिर

पाकिस्तान का यह Ram Mandir इस्लामाबाद की मार्गल्ला पहाड़ियों पर है। स्थानीय हिन्दुओं में इसकी काफी मान्यता है। आसपास के लोग बताते हैं कि भगवान श्री राम का यह मंदिर करीब 16वीं शताब्दी में बनाया गया था। बताया जाता है कि श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण जी जब 14 साल के वनवास पर थे तो उन्होंने कुछ समय यहां बिताया था। यहां कई स्थान हैं जहां भगवान राम ने पानी पिया और विश्राम किया था। हर साल बड़ी संख्या में हिन्दू इस मंदिर में आते थे। पहले हर साल यहां मेले का आयोजन होता था जो अब बंद है।

कुछ  समय स्कूल चलाया गया

जानकारी के अनुसार जब से यहां लोगों के पूजा करने पर प्रतिबंध लगा है, यहां लोगों का आना कम हो गया है। अब यहां केवल टूरिस्ट ही मंदिर को देखने और यहां स्थिति प्राचीन राम कुंड को देखने आते हैं। मंदिर से मूर्तिओं को हटा दिया गया है। जिससे स्थानीय हिन्दू काफी आहत हैं। पहले यहां हर साल मेला लगता था जो अब बंद है। पाकिस्तान सरकार ने बीच में यहां बच्चों का स्कूल भी चालू किया था। लेकिन उसे भी बाद में बंद कर दिया गया। अब यह पूरी तरह एक टूरिस्ट स्पॉट है, यहां पहाड़ी हैंडीक्राफ्ट आइटम और खाने-पीने की दुकानें खुल चुकी हैं।

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(Ultram)

First published on: Jan 22, 2024 10:16 AM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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