Rajya Sabha Election Big Fights: राज्यसभा की 37 सीटें भरने के लिए आज चुनाव जारी हैं। सुबह 9 बजे से वोटिंग चल रही है। 7 राज्यों के 26 उम्मीदवार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जा चुके हैं। इनमें दिग्गज नेता शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, विनोद तावड़े और बाबुल सुप्रियो शामिल हैं। लेकिन 3 राज्यों में कांटे की टक्कर है और समीकरण बदल सकते हैं। तीनों राज्यों में BJP कांग्रेस के साथ खेला कर सकती है।

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बिहार में एक सीट पर गतिरोध और ऐसे हैं समीकरण

बता दें कि बिहार में JDU के नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर के साथ-साथ BJP के नितिन नबीन और शिवम कुमार का निर्विरोध चुना जाना तय है। 5वीं सीट पर NDA के सहयोगी दल के उपेंद्र कुशवाहा और RJD महागठबंधन के AD सिंह के बीच सीधा मुकाबला है, जिसका फैसला केवल मतदान से ही हो सकता है। RJD महागठबंधन के पास वर्तमान में 35 विधायक हैं, लेकिन सिंह की जीत के लिए 41 वोट चाहिए। AIMIM के सभी 5 विधायकों ने तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है।

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तेजस्वी यादव ने AIMIM के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल इमान द्वारा आयोजित इफ्तार में शिरकत की थी, जहां औपचारिक फैसला किया गया कि पार्टी RJD उम्मीदवार को अपना समर्थन देगी। इस गठबंधन में बसपा का एक विधायक भी शामिल है। दूसरी ओर, NDA ने दावा किया है कि उनके उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ही जीतेंगे। कुशवाहा को जीतने के लिए महागठबंधन के कम से कम 3 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी। हालांकि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कौन समर्थन देगा, लेकिन चर्चा है कि उनकी नजर 6 कांग्रेस विधायकों और एकमात्र बसपा विधायक पर है।

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ओडिशा में एक सीट पर गतिरोध और ऐसे हैं समीकरण

ओडिशा में BJP और BJD को 2-2 सीटें मिलने की आशंका है। BJP प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल, BJP राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार और BJD नेता संतृप्त मिश्रा का निर्विरोध चुनाव जाना तय है। 2 उम्मीदवार चौथी सीट के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। जीत के लिए 30 वोट चाहिए। BJP के पास वर्तमान में 79 सीटें हैं और उसे 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिससे उनकी पार्टी की कुल सीटों की संख्या 82 हो जाती है।

ऐसे में BJP के 2 उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल कर सकते हैं और पार्टी के पास 22 वोटों की बढ़त होगी। तीसरे उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए BJP को 8 वोट जुटाने हैं। BJD के पास 48 सीटें हैं, जिससे उसके किसी एक उम्मीदवार की आसान जीत सुनिश्चित है। BJP समर्थित दिलीप राय को जीत हासिल करने के लिए दूसरी पार्टी के 8 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। सूत्रों के अनुसार, उनकी नजर कांग्रेस के 14 विधायकों और BJP के कुछ विधायकों पर है, जो क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

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हरियाणा में एक सीट पर गतिरोध और ऐसे हैं समीकरण

हरियाणा विधानसभा में 90 सीटें हैं, जिनमें से BJP के पास 48 सीटें हैं। इनेलो के 2 विधायकों, 3 निर्दलीय विधायकों ने BJP को समर्थन देने का वादा किया है, जिससे सीटों की संख्या 53 हो गई है। एक सीट जीतने के लिए 31 वोट चाहिए। BJP उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत सुनिश्चित है और BJP के पास 22 वोट ज्यादा हैं। कांग्रेस के पास 37 सीटें हैं और करमवीर बोध की जीत आसानी से सुनिश्चित है। ऐसे में कांग्रेस के पास भी 6 सीटें ज्यादा हैं।

BJP समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल ने नामांकन भरकर समीकरण को बदल दिया है और कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। क्योंकि नंदाल को जीतने के लिए 9 वोट चाहिए और कांग्रेस के सदस्यों ने क्रॉस-वोटिंग कर दी तो कांग्रेस के हाथ से सीट निकलकर BJP के पाले में जा सकती है।